कृषि क़ानून को रद्द किए जाने और MSP को क़ानूनी जामा पहनाने की माँग को लेकर किसानों के आंदोलन को 5 March 2021 को 100 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन मामला समय के साथ और पेचीदा होता जा रहा है, समाधान की खिड़की कैसे और कब खुलेगी? MSP को लेकर क्या कोई फ़ॉर्म्युला ढूँढना होगा जो किसानों और निजी व्यापारी दोनों को मान्य होगा? इस सब के बीच सरकार की भूमिका क्या होगी? इन्हीं तमाम सम्भावनाओं को लेकर सुनिए हिंद किसान की ख़ास बातचीत, Agri-economist,CACP- Comission for Agriculture Cost and Prices के पूर्व Chairman, Dr Tajamul Haque और किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष, Pushpendra Singh के साथ।