कृषि कानूनों के खिलाफ सड़क पर उतरी महिलाएं

हरियाणा के गुरुग्राम में किसान परिवरों की महिलाओं ने पारंपरिक ड्रेस में कृषि कानूनों के खिलाफ रैली निकाली.

पाम ऑयल मिशन को लेकर नॉर्थ-ईस्ट में उपजी आशंकाएं

“हमसे कोई सलाह-मशविरा नहीं लिया गया। नॉर्थ ईस्ट में पाम ऑयल मिशन ठीक नहीं है क्योंकि मेघालय में हम आदिवासियों का जीवन...

Palm Oil की खेती से क्या हैं नुक़सान?

National Mission on Edible oils- Oil Palm को सरकार ने 18 August 2021 को हरी झंडी दिखाई, खाने के तेल,Palm oil को...

MSP का खेल निराला, क्या है कुछ काला?

सरकार ने किसान आंदोलन के बीच रबी मार्केटिंग सीज़न 2022-23 के लिए फसलों की MSP का एलान किया है, सरकार फसलों के...

Karnal: किसानों ने सचिवालय पर डाला डेरा, सुनेगी सरकार?

मुज़फ़्फ़रनगर 5 September और फिर 7 September को हफ़्ते में दूसरी बड़ी किसान महापंचायत, किसानों ने अपनी माँग को पुरज़ोर तरीक़े से...

UP – Muzaffarnagar किसानों की हुंकार से होगा बदलाव?

5 September,2021, UP के मुज़फ़्फ़रनगर में किसानों की महापंचायत किन किन मायनो में अहम रही? ये किसानों का खुद का शक्ति परीक्षण...

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के समर्थन में अब महिलाएं भी सड़क पर उतरने लगी हैं। 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के मौके पर हरियाणा के गुरुग्राम में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। हरियाणा की पारंपरिक वेश-भूषा में इन महिलाओं ने रैली निकाली और इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की। राष्ट्रीय महिला जाट संघ की अगुवाई में किसान परिवारों की इन महिलाओं ने एसडीएम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम ज्ञापन भी सौंपा।  

राष्ट्रीय किसान जाट संघ की सदस्य सुमन हुड्डा ने कहा, ‘हम किसानों के हक में खड़े हैं और ये बात भी समझिए कि नारी को आगे क्यों आना पड़ा। आज औरतें निकली हैं कल बच्चे भी आएंगे। हम न किसी पार्टी के साथ हैं, न किसी सरकार के साथ हैं, हम किसान की बेटियां हैं, हम किसानों के साथ हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारी मांगें हैं कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की गारंटी मिलनी चाहिए, एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, एपीएमसी एक्ट खत्म नहीं होना चाहिए, स्वामीनाथन आयोग के मुताबिक किसानों को सी-2 लागत के हिसाब से फसलों की कीमत मिले, जिन फसलों का देश में उत्पादन हो रहा है, उनके आयात पर रोक लगे।’

एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देती महिलाएं

हरियाणा में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बीजेपी सांसदों और मंत्रियों का बहिष्कार अभियान भी चला रहे हैं। 14 अक्टूबर को हरियाणा के नारायणगढ़ में केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया और सांसद नायब सैनी को उस वक्त किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा, जब वे कृषि कानूनों की हिमायत करने और किसानों को जागरूक करने के मकसद से ट्रैक्टर रैली निकाल रहे थे। नाराज किसानों ने उनको काले झंडे दिखाए और घेराव करने के साथ उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

इस बीच पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन 24 सितंबर से जारी है। इस बीच सरकार ने बातचीत के लिए किसान संगठनों को दिल्ली बुलाया था, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला था। इस बारे में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सरवन सिंह ने हिंद किसान को बताया कि ‘सरकार से बातचीत का माहौल नहीं है। सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। वह बातचीत करना ही नहीं चाहती। बातचीत के नाम पर देश को दिखाना चाह रही है कि हमने बातचीत कर ली है। सरकार का इरादा ही नहीं है।’ वहीं, रेल रोको आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है, यह आंदोलन जारी रहेगा।’

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

पाम ऑयल मिशन को लेकर नॉर्थ-ईस्ट में उपजी आशंकाएं

“हमसे कोई सलाह-मशविरा नहीं लिया गया। नॉर्थ ईस्ट में पाम ऑयल मिशन ठीक नहीं है क्योंकि मेघालय में हम आदिवासियों का जीवन...

Palm Oil की खेती से क्या हैं नुक़सान?

National Mission on Edible oils- Oil Palm को सरकार ने 18 August 2021 को हरी झंडी दिखाई, खाने के तेल,Palm oil को...

MSP का खेल निराला, क्या है कुछ काला?

सरकार ने किसान आंदोलन के बीच रबी मार्केटिंग सीज़न 2022-23 के लिए फसलों की MSP का एलान किया है, सरकार फसलों के...