यूपी में एमएसपी पर धान खरीद न होने से परेशान किसान, कांग्रेस ने उठाए आदित्यनाथ सरकार पर सवाल

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कांग्रेस महाचसचिव प्रिंयका गांधी ने उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार पर धान खरीद को लेकर तीखा हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद न होने को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘भाजपा सरकार किसानों का हक मारने वाले बिलों पर सरकारी खाट सम्मेलन तो कर रही है लेकिन किसानों का दर्द नहीं सुन रही। यूपी में लगभग सभी जगहों पर किसान अपना धान 1868 रू/क्विंटल एमएसपी से 800 रू कम 1000-1100रू/क्विंटल पर बेंचने को मजबूर हैं। ऐसा तब है जब एमएसपी की गारंटी है। सोचिए जब एमएसपी की गारंटी खत्म हो जाएगी तब क्या होगा?’

प्रियंका गाधी के इस ट्वीट में बलिया का एक किसान मोहम्मदी खीरी की मंडी में एमएसपी पर धान खरीद न होने की शिकायत कर रहा है। किसान मंडी कर्मचारियों पर धान की गुणवत्ता को लेकर परेशान करने का आरोप लगाता हुआ नजर आ रहा है।  

यूपी में आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 55 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4000 खरीद केंद्र बनाने का दावा किया है। लेकिन राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक 3342 केंद्रों पर ही खरीद रही है। यानी अब भी 658 केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है। अगर धान धान खरीद की बात करें तो राज्य में 21 अक्टूबर 2020 तक 165880 टन धान खरीद हो पाई है।

राज्य में धान खरीद की सुस्त रप्तार और खरीद केंद्रों पर कर्मचारियों की मनमानी से किसान परेशान हैं। गुणवत्ता से लेकर कर्मचारियों की मनमानी के चलते किसानों को ‘ए’ ग्रेड धान 1000-1200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खुले बाजार में बेचना पड़ रहा है, जबकि इसके के लिए 1,888 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित है।

यूूपी के मुकाबले पंजाब और हरियाणा में धान खरीद की रफ्तार काफी तेज रही है. भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक पंजाब 57.07 लाख टन और हरियाणा 29.17 लाख टन धान की खरीद कर चुके हैं। वहीं, तमिलनाडु़ ने इस तारीख तक सवा दो लाख टन धान की सरकारी खरीद की है।

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