सरकार का हमेशा विरोध करने वाले अब किसानों को एमएसपी पर गुमराह कर रहे हैं- प्रधानमंत्री

केंद्र के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधा है।

गाँव में कोरोना से लड़ने की क्या हो तैयारी?

MP के हरदा ज़िले के रोल गाँव में क़रीब 30 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गयी, 350 परिवार वाले गाँव के...

क्या है ज़रूरी – ज़िंदगी या चुनाव?

29 April 2021, कोरोना की ख़तरनाक जानलेवा लहर के बीच उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए आख़री चरण का मतदान पूरा हुआ,...

ज़िंदगी या चुनाव- क्या है ज़रूरी?

कोरोना की मौजूदा लहर में हर दिन जिंदगियाँ रेत की तरह फिसल रही हैं, समाज में लोग अपनों को खो रहे हैं...

किसान क्यूँ कर रहे हैं साइलोज़ का बहिष्कार?

हरियाणा हो या पंजाब, किसान अडानी के Silos में अपनी फसल देने से इंकार कर रहे हैं, हालाँकि Adani Agro Logistics का...

हरियाणा में फसल ख़रीदी को लेकर किसानों के अनुभव

हरियाणा में 1 April 2021 से गेहूँ की ख़रीदी शुरू हो गयी है लेकिन किसान मंडी में बारदाने की कमी से लेकर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन को लेकर बगैर नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा, ‘देश की किसानों, श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से देश का श्रमिक सशक्त होगा, देश का नौजवान सशक्त होगा, देश की महिलाएं सशक्त होंगी, देश का किसान सशक्त होगा। लेकिन आज देश देख रहा है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘आज जब केंद्र सरकार, किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं कि देश का किसान खुले बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाए। जिन सामानों की, उपकरणों की किसान पूजा करता है, उन्हें आग लगाकर ये लोग अब किसानों को अपमानित कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि कैसे डिजिटल भारत अभियान और जनधन बैंक खातों ने लोगों की कितनी मदद की, जब यही काम हमारी सरकार ने शुरू किए तो ये लोग इनका विरोध कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘मशीनों और उपकरणों को जलाना किसानों का अपमान है जो उनकी पूजा करते हैं। वर्षों तक वे कहते रहे कि एमएसपी को लागू करेंगे, लेकिन नहीं किया। यह काम स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के हिसाब से हमारी सरकार ने किया है।’

28 सितंबर को केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट पर ट्रैक्टर जला कर प्रदर्शन किया था। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर में किसानों विरोध कर रहे हैं। हरियाणा और पंजाब में सबसे तीखा विरोध सामने आया है।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

गाँव में कोरोना से लड़ने की क्या हो तैयारी?

MP के हरदा ज़िले के रोल गाँव में क़रीब 30 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गयी, 350 परिवार वाले गाँव के...

क्या है ज़रूरी – ज़िंदगी या चुनाव?

29 April 2021, कोरोना की ख़तरनाक जानलेवा लहर के बीच उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए आख़री चरण का मतदान पूरा हुआ,...

ज़िंदगी या चुनाव- क्या है ज़रूरी?

कोरोना की मौजूदा लहर में हर दिन जिंदगियाँ रेत की तरह फिसल रही हैं, समाज में लोग अपनों को खो रहे हैं...