सिरसा: मोर्चा, हिरासत और रिहाई के बाद फिर शुरू हुआ प्रदर्शन

बुधवार रात को 9 घंटे की हिरासत के बाद किसानों ने फिर से आंदोलन का ऐलान किया था।

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हरियाणा के सिरसा में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के इस्तीफे की मांग के साथ किसानों का प्रदर्शन गुरुवार को एक बार फिर से शुरू हो गया है। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान इन कानूनों पर दुष्यंत चौटाला के पक्ष से नाराज हैं। खट्टर सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद संभाल रहे दुष्यंत चौटाला ने इन कानूनों का समर्थन किया है। सिरसा में मंगलवार से किसान मोर्चा संभाले हुए हैं और दुष्यंत चौटाला से ‘कुर्सी या किसान?’ का सवाल पूछ रहे हैं।

हिंद किसान के खास कार्यक्रम ‘हिंद किसान की बात‘ में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि, ‘पुलिस ने हिरासत में लेकर किसानों की एकता को तोड़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हरियाणा के कई हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए। इसके बाद किसानों को रिहा किया गया।’

योगेंद्र यादव ने कहा कि, ‘गुरुवार से दुष्यंत चौटाला के आवास के पास पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। जिस तरह पंजाब के किसानों के प्रदर्शन के बाद किसानों की पार्टी होने का दावा करने वाली शिरोमणी अकाली दल को एनडीए से बाहर होना पड़ा, केंद्रीय मंत्री पद से हरसिमरत कौर को इस्तीफा देना पड़ा। उसी तरह हरियाणा के किसान दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेंगे, क्योंकि वह भी खुद को किसानों का नेता और चौधरी देवीलाल का राजनीतिक वंशज होने का दावा करते हैं।’

हिरासत के बाद भी नहीं हटे किसान

मंगलवार को हजारों की तादाद में किसान सिरसा के दशहरा मैदान में जुटे और वहां से दुष्यंत चौटाला के इस्तीफे की मांग उठाई। इसके बाद किसानों ने दुष्यंत चौटाला के आवास की तरफ कूच किया। किसानों की रणनीति दुष्यंत चौटाला के आवास को घेरने की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें कुछ दूरी पहले रोक दिया। किसानों को हटाने के लिए उन पर वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन इन सबके बीच मंगलवार रात को किसान वहीं डटे रहे। बुधवार सुबह हरियाणा पुलिस ने योगेंद्र यादव समेत करीब 100 किसानों और किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया।

सिरसा में किसानों की हिरासत के बाद हरियाणा के कई इलाकों में किसानों ने चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन किया। आखिरकार पुलिस को हिरासत के करीब 9 घंटे बाद बिना शर्त सभी किसान और किसान नेताओं को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद किसानों ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया।

इसके बाद गुरुवार सुबह एक बार फिर से किसान दुष्यंत चौटाला के खिलाफ सड़क पर उतर गए। इस बीच मिली जानकारी के मुताबिक सिरसा प्रशासन ने किसानों को प्रदर्शन के लिए एक अलग जगह भी दी है।

यह भी पढ़ें- 9 घंटे बाद रिहा हुए किसान नेता, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

देखिए- ‘हिंद किसान की बात’ कार्यक्रम में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के साथ खास बातचीत

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