कृषि कानून: राष्ट्रपति से नहीं मिला मुलाकात का वक्त, राजघाट पर धरना देंगे सीएम अमरिंदर

राष्ट्रपति से मुलाकात का वक्त न मिलने पर सीएम अमरिंदर सिंह ने राजघाट पर धरने का ऐलान किया है। उनके साथ कांग्रेस विधायक भी धरने पर मौजूद रहेंगे।

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पंजाब में केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब दिल्ली तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बुधवार से दिल्ली में राजघाट पर धरने पर बैठेंगे। सीएम के साथ कांग्रेस विधायक भी धरने पर मौजूद रहेंगे। यह पूरा मामला केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में चर रहे आंदोलन से जुड़ा हुआ है।

दरअसल पंजाब सरकार ने अपने एक शिष्टमंडल से राष्ट्रपति के मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति भवन की तरफ से इनकार कर दिया गया। जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि मुलाकात न होने की स्थिति में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कांग्रेस विधायक राजघाट पर धरने पर बैठेंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर राजघाट पर धरने का ऐलान किया है। इस धरने का उद्देश्य पंजाब में बिजली के संकट और केंद्र सरकार के मालगाड़ी चलाने के इनकार से प्रभावित हो रही जरूरी सामानों की आपूर्ति से पैदा हो रहे संकट पर ध्यान दिलााना होगा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह राष्ट्रपति से चार नवंबर को मिलने वाले थे। जहां वह पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पारित संशोधन विधेयक को मंजूर करने की भी मांग कर सकते थे। राष्ट्रपति के समक्ष कैप्टन मालगाड़ियों को रोके जाने का मुद्दा भी उठाते। बता दें कि पंजाब के दोनों प्रमुख विपक्षी आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने मुख्यमंत्री के साथ राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली जाने से मना कर दिया है।

पंजाब में केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच रेलवे ने मालगाड़ी के संचालन को रोक दिया है। राज्य सरकार का कहना है कि रेलवे के इस फैसले से राज्य में जरूरी सामानों की किल्लत हो रही है

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