विपक्ष की राष्ट्रपति से मुलाकात, कृषि विधेयकों को मंजूरी ना देने की अपील

गाँव में कोरोना से लड़ने की क्या हो तैयारी?

MP के हरदा ज़िले के रोल गाँव में क़रीब 30 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गयी, 350 परिवार वाले गाँव के...

क्या है ज़रूरी – ज़िंदगी या चुनाव?

29 April 2021, कोरोना की ख़तरनाक जानलेवा लहर के बीच उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए आख़री चरण का मतदान पूरा हुआ,...

ज़िंदगी या चुनाव- क्या है ज़रूरी?

कोरोना की मौजूदा लहर में हर दिन जिंदगियाँ रेत की तरह फिसल रही हैं, समाज में लोग अपनों को खो रहे हैं...

किसान क्यूँ कर रहे हैं साइलोज़ का बहिष्कार?

हरियाणा हो या पंजाब, किसान अडानी के Silos में अपनी फसल देने से इंकार कर रहे हैं, हालाँकि Adani Agro Logistics का...

हरियाणा में फसल ख़रीदी को लेकर किसानों के अनुभव

हरियाणा में 1 April 2021 से गेहूँ की ख़रीदी शुरू हो गयी है लेकिन किसान मंडी में बारदाने की कमी से लेकर...

कृषि विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी दल सड़क से संसद तक विरोध कर रहे हैं। इन्हीं विधेयकों के मामले पर विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और संसद से पारित विधेयकों को मंजूरी ना देने की अपील की।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, ‘ना मतदान हुआ, ना ध्वनिमत का बंटवारा हुआ। लोकतंत्र के मंदिर में संविधान का हनन किया गया। हमने राष्ट्रपति से अपील की है कि कृषि बिल असंवैधानिक रूप से पारित किया गया है और उसे इन बिलों को वापस करना चाहिए।’

वहीं, आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि, ‘हमने राष्ट्रपति जी से बिलों को वापस करने की अपील की है। संसदीय परंपरा के खिलाफ यह बिल गैर-संवैधानिक तरीके से पास किये गए हैं।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘यह देश के किसानों को बर्बाद करने वाला बिल है और इन बिलों के खिलाफ सड़क पर भी आंदोलन होगा।’

विपक्षी दलों ने मंगलवार को बैठक के बाद राष्ट्रपति को चिट्ठी भी लिखी थी। इसमें विधेयकों को मंजूरी ना देने की अपील की गई थी। कृषि से जुड़े तीन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। अब राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून बन जाएंगे। केंद्र सरकार ने इनसे संबंधित तीन अध्यादेश 5 जून 2020 को लागू किये थे। तभी से देश के कई हिस्सों में किसानों के प्रदर्शन हो रहे हैं। इन विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को देश के लगभग सभी किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। इसमें कई विपक्षी दल भी शामिल हो रहे हैं।

वहीं बुधवार को कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों ने संसद भवन में विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सांसदों ने कृषि और मजदूरों से जुड़े विधेयकों के खिलाफ पोस्टर लेकर संसद भवन में गांधी प्रतिमा से अंबेडकर प्रतिमा तक मार्च निकाला।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

गाँव में कोरोना से लड़ने की क्या हो तैयारी?

MP के हरदा ज़िले के रोल गाँव में क़रीब 30 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गयी, 350 परिवार वाले गाँव के...

क्या है ज़रूरी – ज़िंदगी या चुनाव?

29 April 2021, कोरोना की ख़तरनाक जानलेवा लहर के बीच उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए आख़री चरण का मतदान पूरा हुआ,...

ज़िंदगी या चुनाव- क्या है ज़रूरी?

कोरोना की मौजूदा लहर में हर दिन जिंदगियाँ रेत की तरह फिसल रही हैं, समाज में लोग अपनों को खो रहे हैं...