चीन के इशारे पर हो रहा है कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन : जेपी दलाल

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि कांग्रेस के इशारे पर काम करने वाले कुछ एक संगठनों ने तीन नवंबर को देश भर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है।

किसान आंदोलन: पूरे हुए 4 महीने, क्या हुआ हासिल?

कृषि क़ानूनों का विरोध और MSP की गारंटी की माँग को लेकर देश भर में संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 120...

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...

कृषि आंदोलन: क्या है किसानों का मूड?

कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में...

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। किसान सड़कों पर डटे हैं और नई-ऩई जगहों पर मोर्चेबंदी का ऐलान कर रहे हैं। किसानों की मांगों के समर्थन में कांग्रेस पार्टी भी आंदोलन कर रही है। इस बीच हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने इन आंदोलनों के लिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। किसान संगठनों की ओर से 3 नवंबर को चक्का जाम करने के ऐलान पर उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस के इशारे पर हो रहा है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने आगे कहा, ‘कांग्रेस के इशारे पर काम करने वाले कुछ एक किसान संगठन हैं, जिन्हें शांति बर्दाशत नहीं है। हाईवे जाम करने का मकसद यही होता है अव्यवस्था फैलेगी, गोलीबारी हो। मुझे लगता है कांग्रेस और चीन मिलकर देश में अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं, मोदी जी की लोकप्रियता से ये दोनों घबराए हुए हैं, लेकिन इनके एजेंडे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।’

गुरुवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 42 किसान संगठनों ने बैठक की थी। इसी बैठक में सभी किसान संगठनों ने तीन नवंबर को देशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि तीन तारीख को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक छह घंटे के लिए देश भर में हाईवे को जाम किया जाएगा।

किसान आंदोलन का केंद्र बने पंजाब और हरियाणा के अलावा देश के कई और हिस्सों में किसान केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे है। किसानों के अलावा राजनीतिक दल भी लगातार इसके खिलाफ आंदोलन और रैलियां कर रहे हैं। 4 से 6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता और वायनाड से लोक सभा सांसद राहुल गांधी ने किसानों के समर्थन में पंजाब और हरियाणा में ट्रैक्टर रैली निकाली थी।

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद में आ रही परेशानी पर प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि शुरूआत में जो दिक्कत आई थी, उसे ठीक कर लिया गया है, अब दोगुना किसानों को फसल लाने के लिए बुलाया जाएगा और भुगतान सीधे किसानों के खाते में जाएगी। उन्होंने अगले 30-40 दिनों में सरकारी ख़रीद पूरी कर लेने का भी दावा किया। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने दावा किया कि सरकार जो फैसले ले रही है, उससे किसानों को ही फायदा होगा।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...