दशहरे के दिन किसानों की धरपकड़ क्यों? हरियाणा पुलिस पर लगे आरोप

दशहरे के दिन हरियाणा में किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंकने का ऐलान किया था. बीकेयू की दावा है कि सुबह ही हरियाणा पुलिस ने कई किसानों और किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है और नाकेबंदी कर दी है.

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भारतीय किसान यूनियन ने हरियाणा पुलिस पर किसान और किसान नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। संगठन के मुताबिक पुलिस ने सुबह- सुबह कई किसान नेताओं के घरों में दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। दरअसल केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन ने दशहरे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। इसके लिए संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं से हरियाणा के हर जिले में पुतला दहन करने की अपील भी की थी। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी का कहना है कि पुलिस इसी प्रदर्शन को रोकने के लिए ऐसा कर रही है।

हिंद किसान से फोन पर बातचीत में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, ‘हमने आज प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का ऐलान किया था। इसके लिए जगह भी तय हो गई थीं, लेकिन पुलिस ने वहां नाकेबंदी और भारी फोर्स तैनात कर दी है। लेकिन हरियाणा पुलिस ने कई इलाकों में दबिश देकर हमारे कार्यकर्ताओं और कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। पुलिस मुझे भी हिरासत में लेने आई थी लेकिन उस वक्त मैं घर पर नहीं था। हमने संगठन के कार्यकर्ताओं से जगह बदलने के निर्देश दिए हैं कोई कुछ भी कर ले हम पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज करा कर रहेंगे।’

हालांकि इन सबके बावजूद कई इलाकों में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने प्रधानमंत्री का पुतला जलाना शुरू कर दिया है।

हरियाणा में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने कई दिन पहले ही ये ऐलान किया था कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो दशहरे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकेंगे। महीनों से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने कहा था कि प्रधानमंत्री की नीतियां किसानों को बर्बाद करने वाली हैं इसीलिए उनके लिए प्रधानमंत्री किसानों के रावण हैं।

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