दशहरे के दिन किसानों की धरपकड़ क्यों? हरियाणा पुलिस पर लगे आरोप

दशहरे के दिन हरियाणा में किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंकने का ऐलान किया था. बीकेयू की दावा है कि सुबह ही हरियाणा पुलिस ने कई किसानों और किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है और नाकेबंदी कर दी है.

खेती में, कैसा हो किसान के विकास का मॉडल?

कृषि क़ानूनों के लेकर सरकार की तरफ़ से एक बार फिर से किसान संगठनों और नेताओं को चिट्ठी भेजी गयी है, उसमें कुछ नया नहीं सिवाय इसके कि सरकार खुले दिमाग़ और नीयत से मौजूदा गतिरोध ख़त्म करना चाहती है, ताज़ा चिट्ठी में किसानों की मुख्य माँग के अनुसार कोई प्रस्ताव नहीं, ऐसे में क्या हो वो विकास का मॉडल जो कृषि प्रधान देश भारत को suit करे, ख़ास बातचीत कृषि विशेषज्ञ, देविंदर शर्मा जी के साथ।

‘किसान दिवास’ पर किसान के ‘मन की बात’

किसान दिवास पर सुनें कि तीन कृषि क़ानून को लेकर वो क्या चाहते हैं, उनकी नज़र में कौन भ्रम फैला रहा है, आंदोलन में देश की महिला किसानों की कितनी भागीदारी है? क्या हैं उनके डर, क्यूँ दूर दराज़ के राज्यों से किसान आंदोलन में भाग लेने नहीं आ पा रहे, अगले कुछ दिनों में और कितने किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं, किसान दिवास पर ख़ास बातचीत।

‘श्रद्धांजलि दिवस’ पर अन्नदाता को नमन

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MP के किसानों से ही ‘मन की बात’ क्यूँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान तीन कृषि क़ानून को लेकर विरोध कर रहे हैं, मौजूदा गतिरोध पर प्रधान मंत्री की तरफ़ से कुछ रास्ता दिखाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं, मोदी जी ने इन क़ानून का बखान करते हुए मध्य प्रदेश के किसानों को सम्बोधित किया, msp की गारंटी और कृषि क़ानून वापस लिए जाने की माँग पर एक बार फिर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्हीं जवाब को तलाशने की कोशिश इस बातचीत में।

कृषि क़ानून: नीति, नेता, नीयत पवित्र फिर गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून से जुड़ी अहम तारीख़ों और शेयर बाज़ार में रिलायंस कम्पनी के शेयरों की चाल पर बारीकी से नज़र बनाएँ तो इनके बीच का नाता समझ पाएँगे, फिर शायद ये भी समझ आ जाए कि नीति, नेता और नीयत की पवित्रता के बावजूद किसान और सरकार के बीच गतिरोध क्यूँ?

भारतीय किसान यूनियन ने हरियाणा पुलिस पर किसान और किसान नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। संगठन के मुताबिक पुलिस ने सुबह- सुबह कई किसान नेताओं के घरों में दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। दरअसल केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन ने दशहरे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। इसके लिए संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं से हरियाणा के हर जिले में पुतला दहन करने की अपील भी की थी। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी का कहना है कि पुलिस इसी प्रदर्शन को रोकने के लिए ऐसा कर रही है।

हिंद किसान से फोन पर बातचीत में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, ‘हमने आज प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का ऐलान किया था। इसके लिए जगह भी तय हो गई थीं, लेकिन पुलिस ने वहां नाकेबंदी और भारी फोर्स तैनात कर दी है। लेकिन हरियाणा पुलिस ने कई इलाकों में दबिश देकर हमारे कार्यकर्ताओं और कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। पुलिस मुझे भी हिरासत में लेने आई थी लेकिन उस वक्त मैं घर पर नहीं था। हमने संगठन के कार्यकर्ताओं से जगह बदलने के निर्देश दिए हैं कोई कुछ भी कर ले हम पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज करा कर रहेंगे।’

हालांकि इन सबके बावजूद कई इलाकों में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने प्रधानमंत्री का पुतला जलाना शुरू कर दिया है।

हरियाणा में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने कई दिन पहले ही ये ऐलान किया था कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो दशहरे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकेंगे। महीनों से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने कहा था कि प्रधानमंत्री की नीतियां किसानों को बर्बाद करने वाली हैं इसीलिए उनके लिए प्रधानमंत्री किसानों के रावण हैं।

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