हरियाणा: खट्टर सरकार ने बढ़ाए गन्ने के दाम, किसानों ने कहा दस रुपये बेहद कम

पाम ऑयल मिशन को लेकर नॉर्थ-ईस्ट में उपजी आशंकाएं

“हमसे कोई सलाह-मशविरा नहीं लिया गया। नॉर्थ ईस्ट में पाम ऑयल मिशन ठीक नहीं है क्योंकि मेघालय में हम आदिवासियों का जीवन...

Palm Oil की खेती से क्या हैं नुक़सान?

National Mission on Edible oils- Oil Palm को सरकार ने 18 August 2021 को हरी झंडी दिखाई, खाने के तेल,Palm oil को...

MSP का खेल निराला, क्या है कुछ काला?

सरकार ने किसान आंदोलन के बीच रबी मार्केटिंग सीज़न 2022-23 के लिए फसलों की MSP का एलान किया है, सरकार फसलों के...

Karnal: किसानों ने सचिवालय पर डाला डेरा, सुनेगी सरकार?

मुज़फ़्फ़रनगर 5 September और फिर 7 September को हफ़्ते में दूसरी बड़ी किसान महापंचायत, किसानों ने अपनी माँग को पुरज़ोर तरीक़े से...

UP – Muzaffarnagar किसानों की हुंकार से होगा बदलाव?

5 September,2021, UP के मुज़फ़्फ़रनगर में किसानों की महापंचायत किन किन मायनो में अहम रही? ये किसानों का खुद का शक्ति परीक्षण...

हरियाणा की खट्टर सरकार ने गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सोमवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गन्ने की कीमत 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की। इसकी जानकारी देते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसानों की मांग पर गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। अब गन्ने के दाम 340 से बढ़ा कर 350 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

सीएम खट्टर ने कहा कि इस फैसले से बड़ी तादाद में गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में गन्ने की ये उच्चतम दर है। अभी तक किसी भी दूसरे राज्य में गन्ने के इतने दाम नहीं दिए गए हैं। प्रदेश में पेराई सीजन 2020-21 के लिए राज्य की सभी चीनी मिलों में 754 लाख क्विंटल गन्ना की पिराई का लक्ष्य रखा गया है।

हांलाकि, प्रदेश की खट्टर सरकार के गन्ने की कीमत में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को किसान अनुचित बता रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रत्न मान ने हिंद किसान से बातचीत में कहा कि ‘गन्ना उत्पादन की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, तीन साल से तो सरकार ने गन्ने की कीमत नहीं बढ़ाई है। अब जो सरकार ने ये दस रुपये बढ़ाए हैं, न तो ये जायज हैं और न ही हम इसको मांनेंगे।’

गन्ने की कीमत मे बढ़ोतरी के सरकार के फैसले को किसान कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन और उनकी नाराजगी से जोड़ कर देख रहे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रदेश में लगातार किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, ऐसे में सरकार ने किसानों को लुभाने के लिए ये कदम उठाया है।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रत्न मान ने हिंद किसान से बातचीत में कहा कि ‘तीन काले कानूनों को लेकर किसानों में आक्रोश है, कहीं न कहीं उसे देखते हुए सरकार ने मन बहलाने के लिए 10 रुपये की बढ़ोतरी की है।’ उन्होंने ये भी कहा कि ’28 नवंबर को पानीपत में होने वाली  प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा’

प्रदेश की खट्टर सरकार ने गन्ने की कीमत में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया है लेकिन किसान गन्ने की कीमत 400 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग कर रहे अलग-अलग राज्यों में किसान गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

पाम ऑयल मिशन को लेकर नॉर्थ-ईस्ट में उपजी आशंकाएं

“हमसे कोई सलाह-मशविरा नहीं लिया गया। नॉर्थ ईस्ट में पाम ऑयल मिशन ठीक नहीं है क्योंकि मेघालय में हम आदिवासियों का जीवन...

Palm Oil की खेती से क्या हैं नुक़सान?

National Mission on Edible oils- Oil Palm को सरकार ने 18 August 2021 को हरी झंडी दिखाई, खाने के तेल,Palm oil को...

MSP का खेल निराला, क्या है कुछ काला?

सरकार ने किसान आंदोलन के बीच रबी मार्केटिंग सीज़न 2022-23 के लिए फसलों की MSP का एलान किया है, सरकार फसलों के...