हरियाणा: बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, किसानों ने जो कहा था वही हुआ

बरोदा सीट को भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। उपचुनाव के नतीजों में किसानों का गुस्सा भी साफ दिख रहा है।

खेती में, कैसा हो किसान के विकास का मॉडल?

कृषि क़ानूनों के लेकर सरकार की तरफ़ से एक बार फिर से किसान संगठनों और नेताओं को चिट्ठी भेजी गयी है, उसमें कुछ नया नहीं सिवाय इसके कि सरकार खुले दिमाग़ और नीयत से मौजूदा गतिरोध ख़त्म करना चाहती है, ताज़ा चिट्ठी में किसानों की मुख्य माँग के अनुसार कोई प्रस्ताव नहीं, ऐसे में क्या हो वो विकास का मॉडल जो कृषि प्रधान देश भारत को suit करे, ख़ास बातचीत कृषि विशेषज्ञ, देविंदर शर्मा जी के साथ।

‘किसान दिवास’ पर किसान के ‘मन की बात’

किसान दिवास पर सुनें कि तीन कृषि क़ानून को लेकर वो क्या चाहते हैं, उनकी नज़र में कौन भ्रम फैला रहा है, आंदोलन में देश की महिला किसानों की कितनी भागीदारी है? क्या हैं उनके डर, क्यूँ दूर दराज़ के राज्यों से किसान आंदोलन में भाग लेने नहीं आ पा रहे, अगले कुछ दिनों में और कितने किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं, किसान दिवास पर ख़ास बातचीत।

‘श्रद्धांजलि दिवस’ पर अन्नदाता को नमन

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MP के किसानों से ही ‘मन की बात’ क्यूँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान तीन कृषि क़ानून को लेकर विरोध कर रहे हैं, मौजूदा गतिरोध पर प्रधान मंत्री की तरफ़ से कुछ रास्ता दिखाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं, मोदी जी ने इन क़ानून का बखान करते हुए मध्य प्रदेश के किसानों को सम्बोधित किया, msp की गारंटी और कृषि क़ानून वापस लिए जाने की माँग पर एक बार फिर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्हीं जवाब को तलाशने की कोशिश इस बातचीत में।

कृषि क़ानून: नीति, नेता, नीयत पवित्र फिर गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून से जुड़ी अहम तारीख़ों और शेयर बाज़ार में रिलायंस कम्पनी के शेयरों की चाल पर बारीकी से नज़र बनाएँ तो इनके बीच का नाता समझ पाएँगे, फिर शायद ये भी समझ आ जाए कि नीति, नेता और नीयत की पवित्रता के बावजूद किसान और सरकार के बीच गतिरोध क्यूँ?

हरियाणा की बरोदा विधान सभा उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी इंदु राज नरवाल ने बीजेपी प्रत्याशी पहलवान योगेश्वर दत्त को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया है। हार के बाद योगेश्वर दत्त ने इंदु राज नरवाल को बधाई देते हुए कहा कि मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। यह जनता का आदेश है मैं आगे भी मेहनत जारी रखूंगा।

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने इस जीत को किसानों और मजदूरों की जीत करार दिया और कहा कि बरोदा की जनता ने किसान- मजदूर विरोधी ताकतों को जवाब दिया है।

सोनीपत जिले में बरोदा विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस नेता और राज्‍य के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। उन्‍होंने यहां अपने सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा के साथ मिलकर आक्रामक प्रचार किया था।

क्या किसानों का गुस्सा पड़ा भारी?

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा में किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का गुस्सा भी इस नतीजे में दिख रहा है। किसान संगठनों ने एकजुट होकर गांव- गांव में जाकर कृषि कानूनों से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरुक किया। इसके साथ ही मतदान से पहले बरोदा विधान सभा के 54 गांवों की महापंचायत में यह ऐलान किया गया था कि बीजेपी के खिलाफ मतदान किया जाएगा। इसके बाद भी कई मौकों पर किसान संगठनों ने बीजेपी के नेताओं का चुनाव प्रचार के दौरान विरोध भी किया। कई जगहों पर तो बीजेपी नेताओं को गांवों में घुसने तक नहीं दिया गया।

किसान नेता रमनदीप सिंह मान ने ट्विटर पर कहा कि बीजेपी और जेजेपी की यह हार पीपली में किसानों पर लाठीचार्ज और किसानों के खिलाफ लाए गए कृषि कानूनों की वजह से हुई है। आपको बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पीपली में हरियाणा पुलिस ने किसानों पर लाठी चार्ज किया था। जिसके बाद पूरे हरियाणा और पंजाब में किसानों ने जबरदस्त विरोध के साथ लंबा आंदोलन शुरू कर दिया था।

बीजेपी उम्मीदवार योगेश्वर दत्त को बरोदा सीट से लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2019 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कृष्ण हुड्डा ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए उन्हें हराया था। कृष्ण हुड्डा के निधन के बार बरोदा सीट पर उपचुनाव हुए हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी इंदु राज नरवाल को 49.3 वोट प्रतिशत के साथ 60,636 वोट मिले जबकि बीजेपी प्रत्याशी योगेश्वर दत्त को 40.7 वोट प्रतिशत के साथ 50,070 वोट मिले हैं।

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