केंद्र सरकार उर्वरक सब्सिडी पर कुछ बड़े फैसले लेने की तैयारी में है। इसके तहत जहां किसानों को सीधे सब्सिडी देने की ओर कदम बढ़ाये जा रहे हैं, वहीं यूरिया की खपत को कम करने के लिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं सरकार उर्वरक उद्योग को अभी तक करीब पचास हजार करोड़ रुपये की बकाया सब्सिडी भी नहीं चुका सकी है। सरकार के यह कदम किसानों के लिए नया संकट खड़ा कर सकते हैं। जिस तरह से कृषि कानूनों के खिलाफ किसान देशभर में आंदोलन कर रहे हैं। उर्वरक सब्सिडी से जुड़े फैसलों के विरोध में भी किसानों का आंदोलन खड़ा हो सकता है।