हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का घेराव, काले झंडे और थाली पीटकर विरोध

हरियाणा के किसानों ने साफ कहा है कि अब गांवों में बीजेपी नेताओं के लिए होगी 'नो एंट्री'। चुनावों में वोट से करेंगे चोट, बीजेपी उम्मीदवारों की जमानत कराएंगे जब्त।

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हरियाणा में बरोदा के मुंडलाना गांव में कृषि मंत्री जेपी दलाल को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कृषि मंत्री दलाल के काफिले को घेरकर काले झंडे दिखाये। कृषि मंत्री गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन नाराज किसानों ने उन्हें गांव में घुसने से पहले ही घेर लिया। पुलिस प्रशासन की मशक्कत के बाद कृषि मंत्री किसी तरह कार्यक्रम स्थल तक पहुंच पाए। इस दौरान किसानों की नारेबाजी जारी रही।

गांव में घुसते ही कृषि मंत्री जेपी दलाल के काफिले को किसानों ने घेरा, काले झंडे दिखाकर नारेबाजी। फोटो- स्क्रीन ग्रेब

मुंडलाना गांव पहुंचते ही काले झंडे और नारेबाजी कर रहे किसानों ने कृषि मंत्री जेपी दलाल के काफिले को चारों तरफ से घेरा लिया। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं जिन्होंने थाली पीटकर कृषि मंत्री का विरोध किया। इसमें किसानों के साथ हरियाणा के फिजिकल टीचर (पीटीआई शिक्षक) भी शामिल रहे, जिन्हें हाल ही में राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है।

कृषि मंत्री से नाराज किसानों ने कहा कि अगर सरकार किसानों-मजदूरों की बात सुनने को तैयार नहीं है तो हम किसी बीजेपी नेता या खट्टर सरकार के मंत्री को गांव में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे गांव में बीजेपी नेताओं के लिए ‘नो एंट्री’ है।

एक उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने आए कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि, ‘सरकार इस इलाके में करोड़ों रुपयों की योजनाएं शुरू कर रही है। खट्टर सरकार इस इलाके में चमत्कारी परिवर्तन करना चाहती है जो काम 70 सालों में नहीं हुआ वो अब होगा।’

किसानों ने कहा कि बीजेपी नेताओं की गांवों में ‘नो एंट्री’। फोटो- स्क्रीन ग्रेब

गांव में अपना विरोध होने के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि, ‘इस तरह कार्यक्रम में विरोध करना सही तरीका नहीं है। ये पीटीआई और किसानों के भेष में जो भी लोग हैं, उनकी बात सरकार तक पहुंच गई है।’ केंद्र के कृषि विधेयकों के खिलाफ भारत बंद के बारे में उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को किसानों का नहीं, बल्कि कांग्रेस का भारत बंद है। कांग्रेस, मोदी सरकार के किसान हितैषी फैसलों से घबराई हुई है।

कृषि मंत्री के वापस लौटने के बाद किसानों ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि विधेयकों को वापस नहीं लेती है, तब तक हम हर गांव में ऐसे ही बीजेपी नेताओं का विरोध करते रहेंगे। अब किसान वोट की चोट करेंगे और चुनावों में बीजेपी नेताओं की जमानत जब्त कराएंगे।

केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ हरियाणा के किसान लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान संगठनों ने 25 सितंबर को होने वाले ‘भारत बंद’ में भी बड़ी तादाद में सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है।

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