अब बिना जलाए होगा पराली का समाधान

पूसा संस्थान के बनाए बायोडीकंपोजर कैप्सूल के जरिए 20 दिन में पराली खाद में बदल जाएगी। दिल्ली सरकार किसानों की सहमति के साथ 700 एकड़ जमीन पर इसका छिड़काव करेगी। इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

महिला किसान दिवस पर उनके ‘मन की बात’

'महिला किसान दिवस' पर सुनिए ख़ास बातचीत, आदिवासी महिलाओं के जल, जंगल और ज़मीन के अधिकार को लेकर उनके संघर्ष और तीनों विवादित कृषि क़ानून से क्या हैं महिला किसानों के लिए आगे की चुनौतियाँ, क्या हैं डर? हिंद किसान ने AIl India Union for forest working People (AIUFWP) और आदिवासी अधिकारों से जुड़ी ऐक्टिविस्ट- #RomaMalik और UN Secy General के Youth advisory group on Climate Change की भारत से सदस्य, उड़ीसा की #ArchnaSoreng से बातचीत की।

किसान आंदोलन में कितनी ऐक्टिव हैं महिलाएँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर्ज़ पर किसान और जनता खेती के मुद्दों और तीन कृषि क़ानून की वापसी को लेकर डटे हुए हैं, हिंद किसान ने राजधानी दिल्ली के बॉर्डर से दूर, राजस्थान के झुनझुनू से एक महिला ऐक्टिविस्ट से बातचीत की। ये तमाम महिलाओं के साथ collectorate पर धरना दे रही हैं , उनसे जाना कि तीनों कृषि क़ानून पर बने गतिरोध पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है, आंदोलन को लेकर उनकी क्या तैयारी है? सुनिए उनकी मोदी जी से सीधी माँग- बात सीधी, मगर तीखी।

सरकार दिखा रही बड़प्पन, फिर फ़ैसले में देरी क्यूँ?

'सीधी मगर तीखी बात' में पूर्व कृषि मंत्री, सोमपाल शास्त्री जी की कृषि क़ानून पर सरकार की तरफ़ से मामले को सुलझाने के रवैये पर बेबाक़ राय। 15 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 9वे राउंड की वार्ता में कृषि क़ानून पर एक बार फिर कोई सहमति नहीं बन पायी, अगली तारीख़ 19 जनवरी की तय हुई है। किसानों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज़ करने का संदेश दे दिया है।मामले में नए पेंच जुड़ रहे हैं, सुनिए ये ख़ास बातचीत।

वार्ता की मिली नयी तारीख़, कब बनेगी बात?

१५ जनवरी को कृषि क़ानून को लेकर सरकार और किसान की वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही, नयी तारीख़ १९ जनवरी तय हुई है, MSP के मुद्दे पर सरकार बचती रही जबकि उसी पर निर्णायक फ़ैसला लेने के मन से आए थे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, आख़िर कब तक टलता रहेगा MSP का मुद्दा और MSP के अलावा भी क्यूँ ज़रूरी हैं बाक़ी मुद्दे? क्या होगा आगे?

SC के आदेश से सुलझेगा या उलझेगा मामला?

SC ने १२ जनवरी को ३ कृषि क़ानून को अमल में लाने पर अगले ऑर्डर तक रोक लगा दी है, एक कमेटी का भी गठन कर दिया है ताकि ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया जा सके, एक तरह से जो काम सरकार तमाम बैठकों के बावजूद नहीं कर पायी, कृषि क़ानून पर बने डेड्लाक को ख़त्म नहीं कर पायी उस पर एक कदम आगे बढ़ते हुए, SC ने ऑर्डर जारी कर दिया, क्या किसानों को स्वीकार है ये ऑर्डर? कौन है इस समिति के सदस्य, कितना सही है ये फ़ैसला? सुनिए महाराष्ट्र के Farm Activist - Vijay Jawandhia जी से ये ख़ास बातचीत।

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे पराली जलाने को वजह माना जाता है। किसान पराली न जलाएं, इसके लिए अब दिल्ली सरकार एक नई तकनीक को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, राज्य में किसानों को बायो-डिकंपोजर तकनीक से पराली को खाद में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर बायो डिकंपोजर का घोल बनाने की शुरूआत की है। मंगलवार को सीम केजरीवाल ने नजफगढ़ स्थित केंद्र का दौरा किया और वहां पर मौजूद पूसा इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों और किसानों से भी बात की।

दिल्ली सरकार पूसा रिसर्च इंस्टीट्यूट की निगरानी में धान की पराली को खेत में गलाकर खाद बनाने के लिए बायोडिकंपोजर घोल को तैयार करा रही है। इसे देखने आए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार इस घोल का छिड़काव करीब 700 हेक्टेयर जमीन पर अपने खर्चे पर कराएगी और इससे किसानों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। किसानों को सिर्फ अपने खेत में इस घोल के छिड़काव के लिए अपनी सहमति देनी होगी। 11 अक्टूबर से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घोल का छिड़काव किया जाएगा।

पराली के निपटारे का यह प्रदूषणमुक्त समाधान पूसा रिसर्च इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है। यह किफायती और इस्तेमाल करने में सरल भी है। पूसा रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बायो डिकंपोजर कैप्सूल बनाए हैं, जिनके जरिए घोल बनाया जाता है। एक हैक्टेयर जमानी के लिए 4 कैप्सूल को गुड़ और बेसन के घोल के साथ छिड़काव करने पर पराली गल जाती है और खाद में बदल जाती है। इन कैप्सूल को पूसा डीकंपोजर के नाम से भी मशहूर हो रहे हैं। पूसा के मुताबिक करीब 20 दिनों में ये घोल पराली को खाद में बदल देगा।

दिल्ली सरकार के मुताबिक से तकनीक बेहद सस्ती और टिकाऊ है। जिससे न सिर्फ पराली जलाने की समस्या का समाधान होगा बल्कि किसानों के लिए तैयार खाद मिट्टी की उर्वरक क्षमता को भी बढ़ाएगी।

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