दिल्ली: कांग्रेस का किसान मजदूर न्याय मार्च, कार्यकर्ता हिरासत में

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस किसानों के लिए आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ेगी.

किसान आंदोलन: पूरे हुए 4 महीने, क्या हुआ हासिल?

कृषि क़ानूनों का विरोध और MSP की गारंटी की माँग को लेकर देश भर में संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 120...

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...

कृषि आंदोलन: क्या है किसानों का मूड?

कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में...

कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर में किसानों के साथ कांग्रेस समेत विपक्षी दल सड़कों पर उतर आए हैं. संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष किसानों के साथ खड़े होने के दावे कर रहे हैं. दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता #KisaanMazdoorNYAYMarch निकालने के लिए राजघाट पर जमा हुए. उन्होंने राजघाट से राज भवन तक मार्च करने का ऐलान किया था. लेकिन दिल्ली पुलिस ने मार्च नहीं होने दिया. राजघाट पर ही पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.

कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि, ‘आजाद भारत में किसान-मजदूरों के खिलाफ ऐसा उत्पीड़न कभी नहीं देखा. हम एलजी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे लेकिन हमें जाने नहीं दिया गया. बीजेपी का चरित्र अब सामने है.’ उन्होंने कहा कि, ‘पीएम मोदी न किसानों के लिए हैं, न मजदूरों के लिए वे बस चंद उद्योगपति के लिए हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी आखिरी सांस तक किसानों मजदूरों की लड़ाई लड़ेगी.’

वहीं, किसान मजदूर न्याय मार्च न करने देने पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि, ‘किसान के ऊपर जुल्म हो रहा है, लाठियां बरसाई जा रही हैं. लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार की हत्या की जा रही है.’ इससे पहले सोमवार सुबह इंडिया गेट पर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर में आग लगाकर विरोध किया और कृषि कानून वापस लेने की मांग की.

ये भी पढ़ें- कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन तेज, इंडिया गेट पर ट्रैक्टर जलाकर जताया विरोध

दिल्ली के साथ-साथ सभी राज्यों में कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है. कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी दल भी किसानों के समर्थन और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं.

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...