कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस की ‘खेती बचाओ यात्रा’ का आगाज

पंजाब में कांग्रेस ने खोला कृषि कानूनों के खिलाफ मोर्चा

किसान आंदोलन: पूरे हुए 4 महीने, क्या हुआ हासिल?

कृषि क़ानूनों का विरोध और MSP की गारंटी की माँग को लेकर देश भर में संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 120...

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...

कृषि आंदोलन: क्या है किसानों का मूड?

कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में...

पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस भी इन कानूनों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है। 4 अक्टूबर से कांग्रेस ने पंजाब में ‘खेती बचाओ यात्रा’ की शुरूआत कर दी है। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मोगा पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा हम किसानों के साथ खड़े हैं, एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।

किसानों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘किसानों के लिए कानून बनाए जा रहे हैं तो आपको खुलकर बात करनी चाहिए। किसान खुश है तो आंदोलन क्यों कर रहे हैं। 6 साल से नरेंद्र मोदी झूठ बोल रहे हैं। पहले नोटबंदी फिर जीएसटी और उसके बाद कोविड आया उद्योगपतियों का कर माफ किया गया, किसान का कर्ज माफ नहीं किया गया।’ पंजाब के मोगा जिले में सार्वजिनिक सभा और हस्ताक्षर अभियान के बाद राहुल गांधी ने बंधनी कला से जटट्पुरा तक ट्रेक्टर यात्रा भी की।


तीन दिवसीय यात्रा के दौरान राहुल गांधी राज्य में कई जगह किसानों के साथ जनसभा करेंगे और रैली निकालेेंगे। इस रैली में उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत अन्य नेता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा वह हरियाणआ में भी कृषि कानूनों के खिलाफ रैली करेंगे।

पंजाब में किसान से लेकर राजनैतिक प दल तक कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश में किसान संगठन 24 सितंबर से रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं। इसके अलावा केंद्र में एनडीए सरकार से नाता तोड़ अलग हुआ शिरोमणी अकाली दल ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ अमृतसर से चंडीगढ़ तक रैली निकाल कर प्रदर्शन किया था।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...