चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिए गए अकाली दल नेताओं को रिहा किया

किसानों के तीखे आंदोलन के बाद कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और एनडीए का साथ छोड़ने वाले शिरोमणि अकाली दल ने गुरुवार को पंजाब में तीन जगहों से किसान मार्च निकाला।

किसान आंदोलन: पूरे हुए 4 महीने, क्या हुआ हासिल?

कृषि क़ानूनों का विरोध और MSP की गारंटी की माँग को लेकर देश भर में संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 120...

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...

कृषि आंदोलन: क्या है किसानों का मूड?

कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में...

पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लेने के थोड़ी देर बाद रिहा कर दिया। पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और लोक सभा सांसद सुखबीर सिंह बादल और विक्रमजीत मजीठिया को मुल्लापुर बॉर्डर पर, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को जीरकपुर बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया था। चंडीगढ़ में मुल्लापुर बॉर्डर पर नेताओं को हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-वितर करने के लिए वॉटर केनन का भी इस्तेमाल किया।

किसानों के तीखे आंदोलन के बाद कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और एनडीए का साथ छोड़ने वाले शिरोमणि अकाली दल ने गुरुवार को पंजाब में तीन जगहों से किसान मार्च निकाला। जिसकी अमृतसर के अकाल तख्त से सुखबीर बादल, बठिंडा के तलवंडी साबो से हरसिमरत कौर और केशगढ़ से प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने अगुवाई की। नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ रैली करते हुए चंडीगढ़ पहुंचने और राज्यपाल को कृषि कानूनों के खिलाफ ज्ञापन देने का ऐलान किया था। लेकिन जैसे ही अकाली दल के नेताओं का काफिला जीरकपुर बॉर्डर के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद पुलिस बल ने काफिले को रोक लिया। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्ट तोड़कर आगे बढ़ने की भी कोशिश की, जिससे निपटने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

जीरकपुर बॉर्डर पर ही पुलिस अकाली दल नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को दूसरे कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लेकर चंडीगढ़ ले आई। हिरासत में लिए जाने से पहले उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ये जो काला कानून लेकर आई है, उसको इसे हर हाल में वापस लेना पड़ेगा, क्योंकि इससे किसान, व्यापारी, आढ़ती और आम जनता सबका भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा। हरसिमरत कौर ने आगे कहा कि पंजाब के राज्यपाल को इस सम्बंध में ज्ञापन हर हाल में सौंपा जाएगा।

पुलिस हिरासत से छूटने के बाद अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पुलिस पर दुश्मनों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को कुचलने की कोशिश की गई है। सुखबीर बादल ने आगे कहा कि इस काले कानून के खिलाफ अकाली दल की लड़ाई जारी रहेगी, क्योंकि अकाली दल किसानों की पार्टी है। उन्होंने बहुत जल्द पार्टी की बैठक बुलाने और अगली रणनीति बनाने की भी बात कही।

कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल के रुख में आए बदलाव को लेकर दूसरे दलों ने निशाना साधा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि शिरोमणी अकाली दल आज बहुत बड़ा नाटक रच रही है कि वह बहुत बड़े किसान हितैषी हैं, जो कि बिल्कुल कोरा झूठ है। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार ने किसान विरोधी बिल को पास नहीं किए थे, तब तक तो अकाली दल भाजपा की हां में हां मिलाते हुए इन कानूनों का गुणगान कर रही थी, फिर किसानों का गुस्सा देखकर यू-टर्न ले लिया। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग सब जानते हैं कि कैसे अकाली दल ने किसान विरोधी कानूनों को पास कराने में मदद की है।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...