केंद्र सरकार ने किसानों को मिलने के लिए भेजा न्योता, किसानों ने कहा बैठक के बाद होगा फैसला

12 नवंबर को बैठक के बाद सरकार के न्योते पर कुछ कहेंगे- बलबीर सिंह राजेवाल

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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे पंजाब के किसान संगठनों को एक बार फिर केंद्र सरकार ने मिलने के लिए न्योता भेजा है। मंगलवार को कृषि मंत्रालय की तरफ से प्रदेश के 29 किसान संगठनों को पत्र भेज कर 13 नवंबर को सुबह 11 बजे मिलने के लिए दिल्ली बुलाया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव की ओर से किसान संगठनों को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

हालांकि, सरकार के बुलावे पर किसान संगठनों ने अभी कुछ कहने से इनकार किया है। भारतीय किसान संघ (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने हिंद किसान से बातचीत में कहा कि ‘अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। हम लोगों ने 12 नवंबर को सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।’

बातचीत पर सरकार की कोशिशों पर भी किसान संगठन सवाल उठा रहे हैं। भारतीय किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सरवन सिंह ने हिंद किसान से बातचीत में कहा कि ‘सरकार सिर्फ किसानों के साथ बातचीत के माहौल का दिखावा कर रही है। हमारा कहना है कि सरकार माल गाड़ियां बंद करके कौन सा सही माहौल कर रही है। आप माल गाड़ियां चलाईये न।’

उन्होंने ये भी कहा कि ‘देश के सभी किसान यूनियन को सरकार क्यों नहीं बुला रही है सिर्फ पंजाब के किसानों को क्यों बुलाया जा रहा है। ये किसान संगठनों में फूट डालने का काम करेगा। कृषि कानून पूरे देश के किसानों की समस्या है तो फिर सिर्फ पंजाब के किसानों को ही क्यों बुलाया जा रहा है।’

अक्टूबर में बातचीत बेनतीजा रही थी

इससे पहले भी केंद्र सरकार और किसानों के बीच बातचीत नहीं हो पाई थी। 14 अक्टूबर को पंजाब का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में सरकार के न्योते पर बैठक के लिए पहुंचा था। लेकिन कृषि मंत्री और सरकार के नुमाइंदे न होने की वजह से किसान नारज हो गए थे और बिना बातचीत के ही बाहर निकल आए थे। इसके बाद किसानों ने कृषि भवन के बाहर कृषि कानूनों की प्रतियां जला कर और सरकार के खिलाफ नारे लगा कर प्रदर्शन किया था।

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ यूं तो देश के कई राज्यों में किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में देखने को मिल रहा है। पंजाब में किसान संगठन सितंबर महीने से रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि किसान संगठन कुछ दिनों पहले माल गाड़ियों के संचालन को बाधित न करने का ऐलान कर चुके हैं। नाराज किसानों ने 5 नवंबर को देश भर में चक्का जाम भी किया था। जिसके बाद किसानों ने 26 -27 नवंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान कर रखा है।

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