यूपी, एमपी के उपचुनाव में बीजेपी को मिली जीत, बेअसर नजर आए किसानों के मुद्दे

हरियाणा उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा लेकिन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उसके लिए कोई खतरा नहीं बन सका।

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एक तरफ हरियाणा में जहां बीजेपी को किसानों की नाराजगी का सामना बरोदा सीट पर उपचुनाव में हार से करना पड़ा। वहीं, मध्य प्रदेश के उपचुनाव में किसानों की नाराजगी के बावजूद बीजेपी को जीत मिली। मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को 12 सीटों और जबकि कांग्रेस को तीन सीट पर जीत मिली है। चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक बीजेपी सात जबकि कांग्रेस छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

मध्य प्रदेश में मक्का, सोयाबीन की एमएसपी पर खरीद न होने और सोयाबीन की फसल नुकसान का मुआवजा न मिलने की वजह से किसान शिवराज सरकार से नाराज नजर आ रहे थे। कयास लगाया जा रहा था कि किसानों की नारजगी का खामियाजा बीजेपी को उपचुनावों में उठाना पड़ सकता है। हालांकि, तमाम अटकलों के बीच बीजेपी को जीत मिली है।   

इस मौके पर ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ‘यह जीत है विकास की! यह जीत है विश्वास की! यह जीत है सामाजिक न्याय की! यह जीत है लोकतंत्र की! यह जीत है मध्यप्रदेश की जनता की! जनता ने @BJP4MP को अपना आशीर्वाद और स्नेह दिया, हम पर विश्वास जताया, मैं प्रण लेता हूँ कि राज्य के कल्याण में कोई भी कमी नहीं आने दूंगा!’

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ‘हम जनादेश को स्वीकार करते हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि ‘हम जनादेश को शिरोधार्य करते हैं। हमने जनता तक अपनी बात पहुंचाने का पूरा प्रयास किया। मैं उपचुनाव वाले क्षेत्रों के सभी मतदाताओं का भी आभार मानता हूँ। उम्मीद करता हूँ कि भाजपा की सरकार किसानों के हितों का ध्यान रखेगी, युवाओं को रोजगार देगी, महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा कायम रखेगी।’

उत्तर प्रदेश में सात सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में रहे। यहां 7 में से 6 सीटें बीजेपी के खाते में गई जबकि एक सीट पर सपा ने जीत दर्ज की। प्रदेश की 6 सीटों  टूंडला, बांगरमऊ, देवारिया, नौगावां सादात, घाटमपुर और बुलंदशहर में बीजेपी जीतने में कामयाब रही वहीं मल्हनी विधानसभा सीट पर सपा के लकी यादव ने जीत दर्ज की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबको बधाई दी और इस जीत का श्रेय कोराना के दौरान अपनी सरकार के काम को दिया।

हालांकि, पंजाब हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी किसान लगातार कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। हरियाणा उपचुनाव की तरह इन दोनों राज्यों के उपचुनाव में भी उलटफेर की उम्मीद थी लेकिन किसानों की नाराजगी का असर यहां नजर नहीं आया।

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