बिहार : चुनावी रैली में किसानों के मुद्दे पर पीएम और राहुल का वार-पलटवार

मंडी और एमएसपी तो बहाना है, असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है - पीएम मोदी

किसान आंदोलन: पूरे हुए 4 महीने, क्या हुआ हासिल?

कृषि क़ानूनों का विरोध और MSP की गारंटी की माँग को लेकर देश भर में संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 120...

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...

कृषि आंदोलन: क्या है किसानों का मूड?

कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में...

बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है। मौजूदा नीतीश कुमार सरकार से लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रही है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अलग-अलग जगहों पर रैली की और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। सासाराम में रैली के दौरान कृषि कानूनों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर तंज करते हुए कहा, ‘मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य तो बहाना है, असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है।’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘लोकसभा चुनाव से पहले जब किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे देने का काम शुरु हुआ था, तब इन्होंने कैसा भ्रम फैलाया था। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे लोग एमएसपी और मंडियों की बात करके बिचौलियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।’

भागलपुर में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा और बिहार के किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इनके पास आज तक इसका जवाब नहीं है कि जब इनकी सरकार थी तब एमएसपी पर फैसला क्यों नहीं लिया? क्यों इन लोगों के समय में किसानों से इतना कम अनाज खरीदा जाता था? क्यों इन लोगों ने किसानों की, बिहार के किसानों की परवाह नहीं की।’

बिहार के नावादा में रैली के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी किसानों के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किसानों के बजाए कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘जब देश में नोटबंदी हुई तो आम लोग बारिश, धूप में बैंक की लाइनों में लगे। लोगों ने पैसे बैंक में डाला और वह पैसा हिन्दुस्तान के सबसे अमीर लोगों की जेब में चला गया। क्या अंबानी अडाणी बैंक के सामने लाइन में दिखे। आपका पैसा लिया और अंबानी अडाणी का कर्जा माफ किया। हमारी सरकार थी तो हमने 70 हजार करोड़ रुपये किसानों का माफ किया। पंजाब और मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में हमने किसानों का कर्ज माफ किया।’

राहुल गांधी ने कहा कि ‘आने वाले दिनों में आपके खेत आपकी जमीन आपसे ले ली जाएगी और कोर्पोरेट घरानों को दे दी जाएगी। सरकार ने किसानों पर आक्रमण करने के लिए तीन कानून बनाए हैं। इन्होंने पहले बिहार में मंडी खत्म की, एमएसपी खत्म की अब ये पूरे देश में मंडी और एमएसपी को खत्म कर रहे हैं। लाखों लोगों को बेरोजगार करने जा रहे हैं।’  

‘बदलाव संकल्प’ रैली के दौरान राहुल गांधी के साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा। इसके बाद तीन और सात नवंबर को वोट डाले जाएंगे जबकि नतीजे 10 नवंबर 2020 को आएंगे।

लोकप्रिय

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

कृषि कानूनों के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद 

कृषि से जुड़े तीनों विधेयक भले ही संसद से पारित हो गए हों लेकिन किसानों ने इनके खिलाफ आंदोलनों को और तेज...

क्या एमएसपी के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे नए कृषि विधेयक

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने जिस अफरा-तफरी में तीनों कृषि अध्यादेशों लाई, इन्हें विधेयक के रूप में संसद...

Related Articles

किसान महापंचायत की गूंज, दक्षिण भारत में भी

किसान महापंचायत की गूंज दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दी, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान...

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों का फूटा ग़ुस्सा

किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा...

किसान आंदोलन: राजनीति या आजीविका की लड़ाई?

किसान आंदोलन देश के अलग अलग राज्यों में बढ़ता जा रहा है, जिन ५ राज्यों में चुनाव है वहाँ केंद्र में सत्ताधारी...