कृषि कानून के खिलाफ पंजाब की राह पर राजस्थान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मंत्री परिषद की बैठक में कृषि कानूनों पर चर्चा की गई है। जल्द ही राजस्थान विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर केंद्र के कृषि कानूनों में संशोधन किया जाएगा।

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केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई में पंजाब की अमरिंदर सरकार ने नई शुरुआत की है। मंगलवार को पंजाब विधान सभा में कृषि कानूनों के खिलाफ अमरिंदर सरकार ने प्रस्ताव पास किया साथ ही चार विधेयक भी पारित कराए। इन विधेयकों में एमएसपी पर खरीद, खाद्य पदार्थों का भंडारण, कर्ज के बदले जमीन कुर्क न होने जैसे प्रावधान किये गए हैं।

पंजाब सरकार की पहल के बाद यह उम्मीद की जी रही थी कि अब गैर बीजेपी शासित और कृषि कानूनों का विरोध करने वाले दूसरे राज्य भी इस तरफ कदम बढ़ाएंगे। राजस्थान सरकार ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ इसी तरह के संकेत दिए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने मंत्री परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की है। ट्वीट के जरिए उन्होंने जानकारी दी कि, ‘राज्य मंत्री परिषद की बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों से सम्बन्धित विषयों पर बनाए गए तीन नए कानूनों से प्रदेश के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।’

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुताबिक अब राजस्थान सरकार भी विधान सभा का विशेष सत्र बुलाएगी। जिसमें केंद्र के कृषि कानूनों में संशोधन करने के लिए राज्य सरकार विधेयक लाएगी। ट्वीटर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिखा, ‘मंत्री परिषद ने प्रदेश के किसानों के हित में निर्णय किया कि उनके हितों को संरक्षित करने के लिए शीघ्र ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए। सत्र में भारत सरकार द्वारा लागू किए गए कानूनों के प्रभाव पर विचार-विमर्श किया जाकर राज्य के किसानों के हित में वांछित संशोधन विधेयक लाए जाएं।’

सीएम गहलोत ने लिखा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन कानूनों के विरुद्ध बिल पारित किये हैं और राजस्थान भी शीघ्र ऐसा ही करेगा। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, श्रीमती सोनिया गांधी जी एवं राहुल गांधी जी के नेतृत्व में हमारे अन्नदाता किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और हमारी पार्टी किसान विरोधी कानून जो एनडीए सरकार ने बनाए हैं, का विरोध करती रहेगी।

पंजाब विधान सभा के दो दिनों के विशेष सत्र के दूसरे दिन अमरिंदर सरकार ने चार विधेयक और कृषि कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव विधान सभा से पारित कराया था। विधेयक पर चर्चा के दौरान सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि चाहे उन्हें इस्तीफा देना पड़े या उनकी सरकार ही बर्खास्त हो जाए, लेकिन वह और उनकी सरकार पीछे नहीं हटेंगे और किसानों को बचाने के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे।

कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ा फैसला लेते हुए पिछले महीने राजस्थान ने सभी गोदामों को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) और राजस्थान राज्य भंडारण निगम (आरएसडब्ल्यूसी) को राज्य के एपीएमसी अधिनियम के तहत खरीद केंद्रों के तहत अधिसूचित किया था।

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