हरियाणा में 1 April 2021 से गेहूँ की ख़रीदी शुरू हो गयी है लेकिन किसान मंडी में बारदाने की कमी से लेकर तमाम दूसरी दिक्कतों से एक दो हो रहे हैं, उनका आरोप है कि सरकार ने मंडियों में ज़बरदस्ती बदइंतज़ामी की हुई है और किसानों को अपनी फसल अडानी साइलोज़ में बेचने के लिए कहा जा रहा है। देश भर में लगभग 150 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के बीच संयुक्त किसान मोर्चा और हरियाणा के नेता ‘खेती बचाओ, कॉर्प्रॉट भगाओ’ के नारे के साथ इन साइलोज़ का भी बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं, कितना जायज़ हैं इनका बहिष्कार, इन हालात में किसान साइलोज़ में फसल बेचना चाह रहे हैं या नहीं, उन्हें किस तरह का भाव मिल रहा है? क्या है आगे की राह, इन सब मुद्दों पर सुनिए ‘हिंद किसान’ की किसान नेता विकल पचार के साथ ये ख़ास बातचीत।