कृषि आंदोलन के बीच पहाड़ी राज्यों के फल उत्पादकों ने भी MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य की माँग को सामने रखा है, किसान-बागवानों ने अपनी साझा लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त किसान मंच गठित किया है, क्या हैं उनकी परेशनियाँ? बड़ी Companies के आने से सेब के कारोबार में क्या बदलाव आए हैं? कृषि क़ानून के तार किसान-बागवानों से कैसे जुड़े हैं, विदेशी सेब के भारत आने से किसान किस तरह के सुरक्षा कवच या मदद की गुहार लगा रहे हैं, इन तमाम मुद्दों पर सुनिए
‘हिंद किसान’ की ये ख़ास बातचीत, हिमाचल प्रदेश के फल, सब्ज़ी और फूल उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष, हरीश चौहान से।