मध्य प्रदेश के होशंगाबाद और हरदा के क़रीब 2 लाख किसानों को नहर से पर्याप्त पानी मिलने का इंतज़ार है, इन इलाक़ों में मूँग की फ़सल, नहर से मिलने वाले पानी पर आश्रित हैं लेकिन पानी को लेकर सरकारी बदइंतज़ामी ने यहाँ किसानों की जान सूखा दी है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने नहर से पानी छोड़ते वक़्त यहाँ तक आश्वासन दिया था कि किसानों को पानी ‘tail to head’ दिया जाएगा, अब इस नारे ने, इस आश्वासन ने किस तरह यहाँ खेत पर हालात बदले, समझिए किसान नेता – केदार सिरोही से, जो ज़मीनी जानकारी से वाक़िफ़ हैं और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ख़ुद प्रशासन और किसानों के साथ सक्रिय हैं।