संसद के साथ साथ ‘किसान संसद’ को 6 अगस्त को 12 दिन पूरे हो गए हैं, किसान आंदोलन का 253वाँ दिन लेकिन किसानों की सबसे बड़ी माँग, फ़सल का Minimum support price यानी MSP पर सरकार कोई आश्वासन देने या बातचीत करने से बच रही है, एक दलील ये सामने आ रही है है कि जब ग्लोबल इकॉनमी में फसलों के भाव तय होते हैं तो भारत के किसानों को MSP की गारंटी देने का मुद्दा व्यावहारिक नहीं, इससे सवाल उठता है कि अगर भारत के किसानों को दुनिया के किसानों के साथ मुक़ाबला करना है तो उनके लिए MSP मिलना और कितना ज़रूरी हो जाता है?
इसी ख़ास विषय पर सुनिए हिंद किसान की ये ख़ास बातचीत, जाने माने कृषि अर्थशास्त्री, Food and Agriculture Policy Expert, Devinder Sharma ji के साथ, सुनिए और समझ बनाइए।