कोरोना की मौजूदा लहर में हर दिन जिंदगियाँ रेत की तरह फिसल रही हैं, समाज में लोग अपनों को खो रहे हैं या खोने के डर से हर पल सकते में हैं, इन सब के बीच उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कितने ज़रूरी थे, क्या जनता इनका बहिष्कार नहीं कर सकती थी? क्या मजबूरी है?
जब राजनीति और ज़िंदगी के बीच किसी एक को चुनना हो तो वो क्या हो?
राज्य का मुखिया कहता जा रहा hai, सब कुछ ऑक्सिजन की कोई कमी नहीं, टीकों की कमी नहीं और इस सब के बीच लोगों की साँसे हर सेकंड उखड़ रही हैं,
देहात में पंचायत चुनाव कितना जानलेवा साबित हो रहा है, सुनिए उत्तर प्रदेश से किसान नेता , सरदार VM Singh से हिंद किसान की ये ख़ास बातचीत।