किसान आंदोलन को लगभग 4 महीने होने को आए, किसान सरकार की बेरुख़ी और उनकी माँग अनसुनी करने को लेकर काफ़ी ख़फ़ा हैं, ‘हिंद किसान’ ने ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बैठे कुछ किसानों से बातचीत की और समझा कि आख़िर उन्हें सरकार पर विश्वास क्यूँ नहीं?
“१४ महीने में गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा फिर भी सरकार कह रही है बहुत अच्छे दिन जा रहे है, इसलिए कांट्रैक्ट खेती पर बिलकुल विश्वास नहीं”।
दूसरे जनाब का कहना है कि खेती उन्नत करें, निजी निवेश से गुरेज़ नहीं लेकिन MSP पर ख़रीद को बाध्यकारी क्यूँ नहीं बना रहे?
“100 Rs पेट्रोल पर महँगाई नहीं बढ़ी, अनाज पर 10 Rs बढ़े तो महँगाई बढ़ गयी और आटा किस भाव बिक रहा है उसका कोई पूछने वाला नहीं है”।
सुनिए पूरी बातचीत।