किसानों के लिए खेती किसानी के खर्चे बढ़ते ही जा रहे हैं, डीज़ल के बढ़े रेट्स के बाद अब IFFCO और निजी खाद कंपनियों ने खाद के दाम बढ़ा दिए हैं,
इन बढ़े दाम से किसानों को राहत देने के लिए सरकार के सामने क्या उपाय है?
NBS यानि नूट्रीयंट बेस्ड सब्सिडी के ज़रिए राहत का रास्ता अपनाया जा सकता है?
डॉलर के मुक़ाबले कमजोर होते रूपये को देखते हुए आगे भी आयातित कच्चे माल के भाव ऊँचे ही रहने वाले हैं ऐसे में आगे की क्या तस्वीर होगी?
किसानों को इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
सुनिए इन मुद्दों पर खेती मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार हरवीर सिंह जी के साथ ‘हिंद किसान’ की ये ख़ास बातचीत।