वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने १२ फ़रवरी को राज्यसभा में बजट पर जवाब देते हुए मनरेगा के बजट में की गयी कटौती पर कड़ा रूख अपनाया, उन्होंने जानकारी दी कि मनरेगा के तहत आवंटित कोष का इस्तेमाल उनकी सरकार में बढ़ा है और अपने तर्क के सपोर्ट में उन्होंने 2009-10 से लेकर अभी तक के इससे जुड़े आँकड़े भी पेश किए, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ‘ Less emotional, more factual debate’ होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर हिंद किसान ने factual बातचीत की मनरेगा के ज़मीनी कार्यकर्ता से, सुनिए उत्तर प्रदेश, वाराणसी के मनरेगा मज़दूर union के संयोजक, Suresh Rathore का क्या कहना है?