क्या गाँव बंद से गाँव सही मायनों में आत्मनिर्भर हो पाएँगे और गाँव में उपजी फसल, कच्चे माल के अभाव में क्या शहरी जनता को किसानी के मुद्दे बेहतर तरीक़े से समझ आएँगे?
देश भर में किसान आंदोलन को चलते हुए ४ महीने से ज़्यादा का वक्त हो चला है, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने पाँच राज्यों में विधान सभा चुनाव के बीच सत्ताधारी पार्टी भाजपा के सांसदों और नेताओं पर ‘वोट की चोट’ की रणनीति बनायी तो अब आम जनता को किसानी के मुद्दे पर और ज़्यादा जागरूक करने के लिए सोच विचार कर रहे हैं, आने वाली 11 और 12 April को MP में एक बार फिर किसान महापंचायत होने जा रही है,
इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के किसान नेता केदार शंकर सिरोही ने MSP की लूट और गाँव बंद की रणनीति का खुलासा किया, सुनिए हिंद किसान की ये ख़ास बातचीत।