2 दिन पहले उत्तराखंड के कुछ किसान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले, BKU के किसानों ने भी कृषि भवन में कृषि क़ानूनों के समर्थन में ज्ञापन दिया। क्या है अलग से इन मुलाक़ातों का कारण? ये कौन से किसान है जिनकी राय आंदोलित किसानों से अलग है? क्या उत्तराखंड के किसान भी बाक़ी किसानों की तरह इन कृषि क़ानून का विरोध कर रहे हैं? ये समझने के लिए बातचीत की पंतनगर के क़रीब खेती करने वाले प्रगतिशील किसान Rajender Pal Singh से।