कृषि आंदोलन को 115 दिन होने को आए, इस बीच ये आंदोलन पंजाब-हरियाणा- उत्तर प्रदेश-राजस्थान-मध्य प्रदेश के बाद अब उन राज्यों में भी पहुँच रहा है जहाँ विधान सभा चुनाव हैं, यहाँ तक की अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के राज्यों जैसे कर्नाटक में भी किसान महापंचायतें होने जा रही हैं, संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसान और उनके समर्थक केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को ‘वोट की चोट’ पहुँचाने की बात भी कर रहे हैं, आख़िर लोकतंत्र में क्यूँ आया ये पड़ाव? किसान राजनीति कर रहे हैं या फिर ये उनकी आजीविका की लड़ाई है जो इस मुक़ाम तक आ पहुँची है?
इन तमाम मुद्दों पर सुनिए Green India के Director, इंद्र शेखर की सीधी मगर तीखी बात!
इंद्र शेखर Green India के Director हैं और कृषि-पर्यावरण जैसे मुद्दों पर लेख लिखते हैं, इससे पहले बतौर Director, National Seed Association of India के पद पर भी काम कर चुके हैं। हाल ही में UP, MP, हरियाणा और राजस्थान में हुई तमाम किसान महापंचायतों का हिस्सा रहे इंद्र शेखर से सुनिए उनके ज़मीनी अनुभव ‘हिंद किसान’ की इस ख़ास बातचीत में।