हरियाणा हो या पंजाब, किसान अडानी के Silos में अपनी फसल देने से इंकार कर रहे हैं, हालाँकि Adani Agro Logistics का कहना है की वो अपने साइलोज़ के ज़रिए FCI को केवल फसल रखने की सुरक्षित जगह उपलब्ध करा रहे हैं। हालाँकि किसानों का आरोप है कि मामला इतना भी सहज नहीं है, इसमें काफ़ी पेंच हैं।
उनका कहना है कि निजीकरण की बयार में मौजूदा सरकार खाद्य सुरक्षा को अहमियत नहीं दे रही।
स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं के निजीकरण होने का मंजर कोरोना काल में सबकी आँखों के सामने है, अब रोटी के साथ इतना बड़ा जोखिम क्यूँ लिया जा रहा है?
स्टॉरिज की सुविधा के लिए खुद FCI को सशक्त क्यूँ नहीं किया जा रहा?
इन तमाम सवालों पर सुनिए ‘सीधी मगर तीखी बात’ ! हरियाणा टिकरी बॉर्डर से किसान नेता- भूमि बचाओ संघर्ष समिति के डॉ शमशेर सिंह और हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य प्रदीप सदस्य प्रदीप धनखड़ से ‘हिंद किसान’ की ये बातचीत।