देश भर में किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा – SKM से जुड़े किसानों ने 26 May 2021, दिल्ली की सीमा, गाँव-क़स्बों में काले झंडे दिखा कर, मोदी के पुतले फूंक कर विरोध जताया तो वही भारतीय किसान संघ यानि BKS का कहना है कि ‘काला दिवस’ मना कर देश को गुमराह किया जा रहा है, क्या है SKM और BKS की अलग अलग राय? क्या किसानों को MSP की गारंटी मिलेगी?