"> Falling price on apple orchards

Crisis

सेब बागवानों पर गिरती कीमत की मार

हिमाचल में सितंबर का महीना सेब के कारोबार के लिए माकूल होता है. इस दौरान बागवानों को भी अपने सेब की अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद रहती है लेकिन इस बार यहां के बाजार से रौनक गायब है.

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आर्थिक हालात हो रहे हैं और खराब

देश में मौजूदा आर्थिक हालात निराशा पैदा करने वाले हैं. पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कृषि विकास दर गिरकर 2 फीसदी पर पहुंच गई है जबकि जीडीपी की दर बीते 6 साल में सबसे कम 5 फीसदी पर लुढ़क गई है.

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तेजी से बंजर हो रही जमीन

जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब बन कर खड़ा है लेकिन अब इसका एक और खतरा हमारे सामने चुनौती बन रहा है और वो है ज़मीन का बंजर होना.

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कब होगी पाइपलाइन से पेयजल सप्लाई

झारखंड के जमशेदपुर शहर के मानगो इलाके में पेयजल सप्लाई ना होने से ग्रामीण अधिकारियों पर योजना में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा रहे हैं. यहां के इंदिरा कॉलोनी में पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने की योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई है.

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भूजल स्तर गिरने से सभी जल स्रोत सूखे

मानसून आने में अभी देरी है. इस बीच देश के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है. लोगों को पीने तक के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

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'सबर' की ख़बर लेने वाला तक कोई नहीं

  • Team Hind Kisan
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  • Mar. 23, 2019
झारखंड में जमशेदपुर के जंगलों में रहने वाली सबर जनजाति ख़ात्मे की कगार पर है। बावजूद इसके उनकी बुनियादी सुविधाओं तक की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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बैंकिंग का संकटः निजीकरण है समाधान?

देश का बैंकिंग सेक्टर गहरे संकट में है। डूबते कर्ज (NPA) ने पहले ही उनकी हालत खराब कर रखी थी। अब ऊपर से रोज बेनकाब होते नए-नए घोटालों ने देश की बैंकिंग व्यवस्था के लिए साख का सवाल खड़ा कर दिया है। फिक्की और एसोचैम जैसी उद्योग जगत की संस्थाओं ने इसके मद्देनज़र सरकारी बैंकों के निजीकरण की मांग उठा दी है। क्या ये सही समाधान है? देखते हैं, इस सवाल पर एक ख़ास डिबेट।

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