ग्रामीण विकास मंत्री को नरेगा संघर्ष मोर्चा का खुला ख़त

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कई राज्यों में इस वक़्त मनरेगा की मज़दूरी दर वहां की न्यूनतम मज़दूरी से काफी कम है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार ये कहा है कि न्यूनतम मज़दूरी से कम भुगतान करना ‘बंधुआ मज़दूरी’ के दायरे में आएगा। इसके बावजूद मनरेगा मज़दूरों की भुगतान राशि में बढ़ोतरी नहीं की गई। इस बाबत नरेगा संघर्ष मोर्चा ने ग्रामीण विकास मंत्री को खुला ख़त लिखा है, जिसे हम हूबहू प्रकाशित कर रहे हैं।

8 मार्च 2018

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
मंत्री, ग्रामीण विकास
भारत सरकार

आदरणीय श्री तोमर

2018-19 के लिए मनरेगा मज़दूरी में तुरंत संशोधन की मांग

नरेगा संघर्ष मोर्चा, जो मज़दूरों के अधिकारों के लिए कार्यरत संगठनों व व्यक्तियों का एक समूह है, आपसे 2018-19 के लिए मनरेगा मज़दूरी में तुरंत संशोधन की मांग करने के लिए लिख रहा है. चूंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अभी तक 2018-19 के लिए संशोधित मनरेगा मज़दूरी दर घोषित नहीं किया है, अगले वित्तीय वर्ष के मस्टर रोल भी इस ही वर्ष की मज़दूरी दर पर निकल रहे हैं.

अभी 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की मनरेगा मज़दूरी न्यूनतम खेतिहर मज़दूरी से कम है. इन दोनों मज़दूरी दरों में अंतर सबसे अधिक त्रिपुरा में है, जिसकी मनरेगा मज़दूरी न्यूनतम मज़दूरी का मात्र 58 प्रतिशत ही है. सिक्किम के लिए यह अनुपात 59 प्रतिशत है, गुजरात के लिए 64 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश के लिए 65 प्रतिशत है (तालिका देखें).

सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार कहा है कि न्यूनतम मज़दूरी एक मौलिक अधिकार है और उससे कम दर पर काम करवाना “बंधुआ मज़दूरी” के सामान है. तुच्छ मनरेगा मज़दूरी दर और भुगतान में लम्बे विलम्ब के कारण कई मज़दूर मनरेगा से मुंह फेरने के लिए मजबूर हो रहे हैं.

नरेगा संघर्ष मोर्चा मांग करता है कि:

  • तुरंत 2018-19 के लिए संशोधित मनरेगा मज़दूरी दर निर्धारित हो.
  • जिन मज़दूरों से आगामी वित्तीय वर्ष में इस वित्तीय वर्ष की मनरेगा मज़दूरी दर पर काम करवाया जाए, उन्हें दोनों वर्षों के मज़दूरी दर के अंतर व साथ में मुआवज़े का भुगतान हो.
  • मनरेगा मज़दूरी दर कम से कम 600 रुपये हो, चूंकि सातवें वेतन आयोग ने 18,000 रुपये के न्यूनतम मासिक वेतन की अनुशंसा की है.
  • सभी ग्रामीण परिवारों की काम की मांग पूरी होने और समय पर मज़दूरी भुगतान के लिए पर्याप्त बजट आवंटित हो.

आशा है कि आप मोर्चे की मांगों पर कार्रवाई करेंगे.

विश्वासी

अभय कुमार (9845371493), अंकिता अग्रवाल (9818603009), अनुराधा तलवार (9433002064), अरुंधती धुरू (9919664444), गंगाराम पैकरा (9977462084), कामायनी स्वामी (9771950248), मुकेश निर्वासत (9468862200), नीता हार्दिकर (9825412387), निर्मला तामिनेनी (9848930031) और ऋचा सिंह (9452232663)

(नरेगा संघर्ष मोर्चा की ओर से)



State / Union Territory

Minimum Agricultural Wage (Rs)a

NREGA Wage Rate 2017-18 (Rs)b

Absolute difference (Rs)

What proportion of the minimum wage is the NREGA wage (%)

Andaman

297

236

61

79

Andhra Pradesh

302

197

105

65

Arunachal Pradesh

200

177

23

89

Assam

250

183

67

73

Bihar

237

168

69

71

Chandigarh

350

265

85

76

Chhattisgarh

234

172

62

74

Dadra and Nagar Haveli

304

218

86

72

Daman and Diu

268

195

73

73

Goa

324

240

84

74

Gujarat

298

192

106

64

Haryana

318

277

41

87

Himachal Pradesh

210

179

31

85

Jammu and Kashmir

225

179

46

80

Jharkhand

230

168

62

73

Karnataka

269

236

33

88

Kerala

287

258

29

90

Lakshadweep

401

237

164

59

Madhya Pradesh

230

172

58

75

Maharashtra

194

201

-7

104

Manipur

112

204

-92

182

Meghalaya

189

175

14

93

Mizoram

115

194

-79

169

Nagaland

115

177

-62

154

Nicobar

308

249

59

81

Odisha

213

176

37

83

Puducherry

223

205

18

92

Punjab

294

233

61

79

Rajasthan

213

192

21

90

Sikkim

300

177

123

59

Tamil Nadu

195c

205

-10

105

Telangana

200

197

3

99

Tripura

307

177

130

58

Uttarakhand

158

175

-17

111

Uttar Pradesh

228

175

53

77

West Bengal

234

180

54

77

a Source: paycheck.in/main/salary/minimumwages (The lowest minimum wage is taken for states that do not have the category of ‘agriculture’.)

b Source: nrega.nic.in (NREGA wage rate in Scheduled Areas of Himachal Pradesh is Rs 224.)

c Source: http://cms.tn.gov.in/sites/default/files/go/labemp_e_3_2015_2D.pdf

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