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कीटनाशकों पर पाबंदी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, केंद्र को नोटिस जारी


सुप्रीम कोर्ट कीटनाशकों पर पाबंदी लगाने की याचिका पर सुनवाई करेगा। सोमवार को जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस विनीत सरन की बेंच ने केंद्र सरकार के साथ अन्य प्राधिकारियों से इस पर जवाब मांगा है। इससे जुड़ी याचिका में भारत में इस्तेमाल होने वाले 85 कीटनाशकों पर पाबंदी की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि दूसरे देश इन कीटनाशकों पर पाबंदी लगा चुके हैं, लेकिन भारत में इस्तेमाल जारी है, जो किसानों की सेहत के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है।

वहीं, याचिकाकर्ता कविता कुरुगंति ने बताया कि भारत में अभी भी घातक कीटनाशकों का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि जैविक खेती जैसे पर्यावरण अनुकूल खेती लाभ और उत्पादकता के मामले में सफल होने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

याचिका में घातक कीटनाशकों को किसानों के जीवन के अधिकार के खिलाफ बताया गया है। याचिका में कीटनाशकों से किसानों के बीमार पड़ने उदाहरण दिए गए हैं। इसके मुताबिक महाराष्ट्र के यवतमाल में 84 और अकोला में 40 किसान कीटनाशकों से बीमार पड़ चुके हैं, जबकि एक की मौत हो चुकी है, जो इसके खतरे को बताता है। इसमें यह भी कहा गया है कि कीटनाशकों के इस्तेमाल से किसानों की मौत और बीमार पड़ने के मामले और बढ़ने वाले हैं, क्योंकि कपास जैसी फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव अगले दो महीने जारी रहेगा। याचिका में कीटनाशकों पर पाबंदी लगाने के लिए राज्य सरकारों को अधिकार देने की मांग की गई है।