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किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों की होगी समीक्षा

फोटो स्रोत- डीएनए इंडिया

केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आय को 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य रखते हुए कई योजनाएं घोषित की हैं। अब सांसदों की स्थायी समिति इन योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। ये समिति इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जमीन पर आए असर की भी पड़ताल करेगी।

समिति की बैठक सोमवार को भाजपा सांसद हुकुम देव नारायण यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें 21 सांसदों ने हिस्सा लिया। इसमें कृषि योजनाओं के आकलन का तरीका तय करने के लिए 8 अगस्त को बैठक करने का फैसला किया गया। इस बैठक में शामिल लोगों के मुताबिक सीपीएम सांसद केके रागेश ने औद्योगिक कचरे और अंतरराष्ट्रीय संधियों से भारतीय खेती पर पड़ रहे असर का मुद्दा उठाया। वहीं, एक अन्य सांसद बदरूद्दोजा खान ने सहकारी खेती में गिरावट का अध्ययन कराने की बात कही। तृणमूल कांग्रेस के सांसद तपस मंडल ने घटते जल संसाधन का सवाल उठाया, जिससे किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। एक अन्य सांसद ने खरीफ-2017 सीजन में बीमा कंपनियों को किसानों से लगभग 19,000 करोड़ रुपये मिलने की बात को जमीन पर परखने का सुझाव दिया।

सांसदों की स्थायी समिति ने 30 ऐसे मुद्दों को भी जुटाया है, जिनका देश के किसान आज सामना कर रहे हैं। इनमें सर्टिफाइड बीजों का उत्पादन और उपलब्धता, जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) फसलें, कृषि विपणन, कृषि क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों का विकास, प्रधानमंत्री कृषि योजना को लागू करना, कृषि कर्ज देने की व्यवस्था की हालत, नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड का विकास और प्रदर्शन, योजनाओं को बनाने और लागू करने में किसानों की भूमिका, खाद्य प्रसंस्करण के लिए शोध की स्थिति और उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।