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पंजाब : पराली जलाने को लेकर बढ़ी तकरार, किसानों ने सरकारी दफ्तर के आगे डाली पराली


पंजाब में पराली जलाने पर पाबंदी को लेकर सरकार और किसानों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। संगरूर में किसानों ने डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर के बाहर पराली से भरी ट्रॉलियां पलटकर प्रदर्शन किया। किसानों ने अपने इस प्रदर्शन को सांकेतिक बताया है। इसके साथ ये भी चेतावनी दी है कि अगर किसी अधिकारी ने उनको पराली जलाने से रोका तो वे उनके घरों और दफ्तर के बाहर अपने खेतों की पराली डाल देंगे। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि पराली जलाना उनकी मजबूरी है क्योंकि अगली फसल के लिए खेतों को जल्द से जल्द खाली करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पराली निस्तारण के लिए उपकरणों पर दी जा रही सब्सिडी महज़ दिखावा है, जनता को कोई फायदा नहीं मिल रहा। वहीं, डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कहा कि किसानों को समझाया जा रहा है, अगर वे नहीं माने तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा धान का उत्पादन होता है। अकेले पंजाब में हर साल करीब 2 करोड़ टन पराली खतों में रह जाती है, जिनमें से आधी से ज्यादा पराली जला दी जाती है। 2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने पराली से निपटने के लिए 665 करोड़ रुपए का बजट भी दिया था। लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नज़र नहीं आ रहा।