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गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 105 रुपये की बढ़ोतरी

फोटो स्रोत- लाइव मिंट

केंद्र सरकार ने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 105 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। गेहूं की नई एमएसपी 1,840 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। 2017-18 में गेहूं की एमएसपी 1,735 रुपये थी। हालांकि, ये इजाफा बीते साल के मुकाबले कम है। बीते साल सरकार ने गेंहू की एमएसपी में सात फीसदी बढ़ाई थी, लेकिन इस बार बढ़ोतरी महज छह फीसदी है।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई। इसमें गेहूं समेत रबी की दूसरी फसलों की एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया गया। सरकार ने सूरजमुखी की एमएसपी में सबसे ज्यादा 845 रुपये का इजाफा किया गया है। सूरजमुखी की नई एमएसपी 4,945 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। सरकार कृषि मामलों में सलाह देने वाली संस्था कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेज की सिफारिश के आधार पर एमएसपी में बदलाव करती है।

मोदी सरकार किसानों को फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का वादा कर रही है। उसने किसानों को एमएसपी के लाभ दिलाने के लिए बीते दिनों प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान शुरू किया था। इसमें मध्य प्रदेश की भावांतर योजना की तर्ज पर तिहलन फसलों की खरीद के लिए नई योजना शामिल है। इसके तहत किसानों को थोक बाजार में तिलहन के मासिक औसत मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बीच अंतर का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा राज्यों को प्रायोगिक आधार पर तिहलन की खरीद में निजी क्षेत्र को शामिल करने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, ये योजना राज्य में तिलहनी फसलों की 25 फीसदी उपज की खरीद तक सीमित होगी। इन विकल्पों का मकसद खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाना है। भारत सालाना 1.4-1.5 करोड़ टन खाद्य तेल खरीदता है जो घरेलू मांग का लगभग 70 फीसदी होता है।