Latest News

किसानों के फायदे की बुल डरेक्टरी


पशुपालन किसानों को अतिरिक्त कमाई दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि उनके पास अच्छी नस्ल के मवेशियों की जानकारी है। भोपाल का सेंट्रल सीमन स्टेशन इस काम में किसानों की मदद कर रहा है. संस्थान ने अपने यहां सीमन प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले सभी 206 बुल्स की एक डरेक्टरी बनाई है. इसमें बुल्स की उम्र, उस नस्ल के मादा की दूध उत्पादन क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और आनुवांशिक रोग की आशंका जैसी तमाम जरूरी जानकारियां दी गई हैं। इसमें साहीवाल, मालवी, गिर, थारपारकर, निमाड़ी, केनकथा, राठी, कांकरेज, हरियाणा, जाफराबादी, भदावरी और मुर्रा के साथ विदेशी किस्म की जर्सी और होल्सटीन फ्रीजियन और संकर प्रजाति के जर्सी क्रॉस और HF क्रॉस शामिल हैं. कृत्रिम गर्भाधान के लिए सालाना 30 लाख डोज सीमन प्रोडक्शन करने वाला सेंट्रल सीमन स्टेशन अगले साल अप्रैल तक अपने यहां के बुल्स का सेक्स्ड सार्टेड सीमन भी लाने जा रहा है. इससे बछड़ों की संख्या घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है.