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आध्र प्रदेश : राजधानी बदलने के विरोध में किसान


आंध्र प्रदेश में अमरावती के किसानों ने प्रदेश में एक से ज्यादा राजधानी बनाने की योजना का विरोध किया है। मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने अमरावती को विधायी, विशाखापट्टनम को कार्यकारी और करनूल को न्यायिक राजधानी बनाने की बात कही है जिसका किसानों ने तीखा विरोध किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अमरावती को राजधानी बनाने के लिए अपनी जमीनें दीं, लेकिन विकेंद्रीकरण के नाम पर राजधानी को दूसरी जगह ले जाने का फैसला सब कुछ बेकार कर देगा।

प्रदेश में तीन राजधानी बनाने पर पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ‘अमरावती या विशाखापट्टनम में सीएम आखिर कहां पर रहेंगे, क्या उनके लिए दो आवास बनाए जाएंगे? ये तो बहुत खराब फैसला है, तुगलक का शासन इससे बेहतर दिखाई देता है।

दरअसल, तेलंगाना के अलग राज्य बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू सरकार ने अमरावती में राजधानी बनाने का फैसला किया था। इसे 53 हजार एकड़ जमीन पर एक लाख 10 हजार करोड़ की लागत से विकसित किया जाना था। हालांकि, जगन मोहन रेड्डी की सरकार बनने के बाद विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक ने इस परियोजना से अपने हाथ खींच लिए थे। ये दोनों संस्थाएं अमरावती को राजधानी बनाने के लिए 50 लाख डॉलर देने वाली थीं।