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वायु प्रदूषण है भारी बारिश और बाढ़ की वजह : रिपोर्ट

फोटो स्रोत- फिजिक्स डॉट ओआरजी

देश में बाढ़ और अतिवृष्टि की बढ़ती घटनाएं बडे़ पैमाने पर जान-माल के नुकसान की वजह बन रही है। कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में कहा है कि वायु प्रदूषण से मानसूनी बादलों के भौतिक गुणों में बदलाव आ जाता है, जिसका असर अतिवृष्टि, मूसलाधार बारिश और असामान्य मानसूनी बारिश के रूप में सामने आता है। वैज्ञानिकों ने लंबी अवधि के सैटेलाइट आंकड़ों के आधार पर ये बात कही है, जो नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

मई में राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आए आंधी-तूफान और तेज बारिश की चपेट में आकर 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। वैज्ञानिकों ने ऐसी घटनाओं को हवा में तैरने वाले एयरोसोल्स को जिम्मेदार माना है। अध्ययन के सहलेखक और आईआईटी कानपुर में डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रमुख सच्चिंदा त्रिपाठी ने बताया, ‘तेज बारिश के सारे मामलों को एयरोसोल्स से नहीं जोड़ा जा सकता है, क्योंकि दूसरी मौसमी वजहें भी जिम्मेदार होती हैं, लेकिन आंतरिक क्षेत्रों में होने वाली बहुत ज्यादा मानसूनी बारिश को इस परिस्थिति से जोड़ा जा सकता है।’

एयरोसोल्स, ब्लैक कार्बन और धूल के कण होते हैं, जो बादल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। बादल के बढ़ने से अंतरिक्ष में सूर्य की किरणों का परावर्तन बढ़ जाता है, जिससे बादलों की सतह ठंडी होने लगती है। इसके अलावा जमीन से उष्मा के अंतरिक्ष में लौटने पर भी असर पड़ता है। इससे दिन अपेक्षाकृत ठंडे, जबकि रातें गर्म होती हैं। वैज्ञानिकों ने भविष्य में वायु प्रदूषण बढ़ने से बारिश के पैटर्न में और ज्यादा बदलाव आने की आशंका जताई है। जलवायु परिवर्तन इस प्रभाव को और बढ़ा सकता है।