कोविड महामारी के बीच सरकार तीन कृषि अध्यादेश ले आई. इन तीनों अध्यादेशों को अगर ध्यान से देखा जाए तो खेती के जानकार मानते हैं कि दरअसल खेती को कॉरपोरेट के रास्ते पर ले जाने की तैयारी की जा रही है. इन कानूनों की ड्राफ्टिंग देखकर लगता है कि ये तीनों आपस में गुंथे हुए हैं और एग्री मार्केटिंग को बिना नियमन और खुला बनाने की हिमायत करते हैं. इन तीनों अध्यादेशों का देश के कई इलाकों में विरोध हो रहा है. किसान सड़कों पर हैं. किसान पूछ रहे हैं कि आखिरकार महामारी के वक्त तीनों अध्यादेश क्यों लाए गए?