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विशेष चर्चा: गांव से जुड़े हैं मंदी के तार?


आर्थिक मंदी ने ऑटोमोबाइल के बाद टेक्सटाइल और चाय-बिस्किट उद्योग तक को चपेट में ले लिया है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र तो 2016 में नोटबंदी लागू होने के बाद से बेहाल हैं. फसलों की कीमत से लेकर मजदूरी तक में सुस्ती बनी हुई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस आर्थिक मंदी के तार गांव यानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं? देखिए इसी की पड़ताल करती ये विशेष चर्चा.