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‘मिट्टी की बेटी’ ने क्या माँगा PM से

MP के हरदा ज़िले में रहने वाली 7 साल की सानिका 'मिट्टी की बेटी' भी कहलाती है, दिल्ली के बॉर्डर्ज़ पर तीन कृषि क़ानून को लेकर डटे किसानों और लोगों के बीच कुछ दिन बिताने वाली सानिका के वहाँ क्या अनुभव रहे, इन क़ानूनों को लेकर मोदी से क्या है उनकी सीधी माँग? देखिए ये ख़ास बातचीत।

26 जनवरी का Trailer 7 जनवरी को!

26 जनवरी- गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड का Trailer 7 जनवरी को! Tractor march को लेकर क्या हैं किसान और आम जनता की तैयारी, कैसा है जज़्बा? सुनिए संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, अभिमन्यु कोहाड़ से ये ख़ास बातचीत।

कृषि क़ानून: कौन है अड़ियल, सरकार या किसान?

कृषि क़ानून को लेकर अब ८ जनवरी को फिर से होगी वार्ता, सरकार करे तो बातचीत, किसान करें तो ढीटपंती! तारीख़ पर तारीख़ देने से किसका हो रहा है नुक़सान? कृषि प्रधान देश में, लोकतंत्र में क्या ज़िद के आगे है जीत?

कृषि क़ानून: किसान क्रांति या जन क्रांति का मुद्दा?

प्रधान मंत्री जी ने हाल ही में केरल का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहाँ भी तो APMC नहीं हैं, वहाँ आंदोलन क्यूँ नहीं होते? इसको समझिए Kerala state farmer’s welfare Board की Agro Economist Dr. P Indira Devi ji और AIKS के Joint Secretary, Badal Saroj जी से जो कि पलवल बॉर्डर पर किसानों के साथ डेरा जमाए हुए हैं।

खेती में, कैसा हो किसान के विकास का मॉडल?

कृषि क़ानूनों के लेकर सरकार की तरफ़ से एक बार फिर से किसान संगठनों और नेताओं को चिट्ठी भेजी गयी है, उसमें कुछ नया नहीं सिवाय इसके कि सरकार खुले दिमाग़ और नीयत से मौजूदा गतिरोध ख़त्म करना चाहती है, ताज़ा चिट्ठी में किसानों की मुख्य माँग के अनुसार कोई प्रस्ताव नहीं, ऐसे में क्या हो वो विकास का मॉडल जो कृषि प्रधान देश भारत को suit करे, ख़ास बातचीत कृषि विशेषज्ञ, देविंदर शर्मा जी के साथ।

‘किसान दिवास’ पर किसान के ‘मन की बात’

किसान दिवास पर सुनें कि तीन कृषि क़ानून को लेकर वो क्या चाहते हैं, उनकी नज़र में कौन भ्रम फैला रहा है, आंदोलन में देश की महिला किसानों की कितनी भागीदारी है? क्या हैं उनके डर, क्यूँ दूर दराज़ के राज्यों से किसान आंदोलन में भाग लेने नहीं आ पा रहे, अगले कुछ दिनों में और कितने किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं, किसान दिवास पर ख़ास बातचीत।

‘श्रद्धांजलि दिवस’ पर अन्नदाता को नमन

'श्रद्धांजलि दिवस' पर अन्नदाता को नमन

MP के किसानों से ही ‘मन की बात’ क्यूँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान तीन कृषि क़ानून को लेकर विरोध कर रहे हैं, मौजूदा गतिरोध पर प्रधान मंत्री की तरफ़ से कुछ रास्ता दिखाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं, मोदी जी ने इन क़ानून का बखान करते हुए मध्य प्रदेश के किसानों को सम्बोधित किया, msp की गारंटी और कृषि क़ानून वापस लिए जाने की माँग पर एक बार फिर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्हीं जवाब को तलाशने की कोशिश इस बातचीत में।

कृषि क़ानून: नीति, नेता, नीयत पवित्र फिर गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून से जुड़ी अहम तारीख़ों और शेयर बाज़ार में रिलायंस कम्पनी के शेयरों की चाल पर बारीकी से नज़र बनाएँ तो इनके बीच का नाता समझ पाएँगे, फिर शायद ये भी समझ आ जाए कि नीति, नेता और नीयत की पवित्रता के बावजूद किसान और सरकार के बीच गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून: MSP क्यूँ है ज़रूरी?

2 दिन पहले उत्तराखंड के कुछ किसान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले, BKU के किसानों ने भी कृषि भवन में कृषि क़ानूनों के समर्थन में ज्ञापन दिया। क्या है अलग से इन मुलाक़ातों का कारण? ये कौन से किसान है जिनकी राय आंदोलित किसानों से अलग है? क्या उत्तराखंड के किसान भी बाक़ी किसानों की तरह इन कृषि क़ानून का विरोध कर रहे हैं? ये समझने के लिए बातचीत की पंतनगर के क़रीब खेती करने वाले प्रगतिशील किसान Rajender Pal Singh से।

सिंघु से टिकरी बार्डर तक किसान आंदोलन के रंग

दिसंबर में बढ़ती ठंड के बीच कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों का आंदोलन जारी है. सिंधु से लेकर टिकरी बॉर्डर तक पर किसान डटे हुए हैं. ठंड में सड़कों पर कैसे ज़िंदगी बसर कर रहे हैं किसान सुनिए ये बातचीत.

खेती में विकास का मॉडल कैसा हो?

PM ने फ़िक्की के कार्यक्रम में विकास का मंत्र दिया, खेती के विकास में निजी निवेश बढ़ाने को दीवार तोड़ ब्रिज के तौर पर बताया, क्या किसान विकास से मुँह मोड़ना चाहते हैं या सही मॉडल की राह तक रहे हैं, ख़ास बातचीत सुनें अर्थशास्त्री परवीन झा और किसान नेता केदार सिरोही के साथ

हरियाणा: नहीं मिल रहा MSP, इस्तीफ़ा दें दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उप मुख्य मंत्री दुष्यंत चौटाला ने MSP ना दिए जाने पर पद छोड़ने की बात कही है, किसान संवाद की इस चर्चा में ख़ास फ़ोकस उन फसलों पर जिन पर कृषि क़ानून आने के बाद से MSP या लाभकारी मूल्य का ऐलान तो हुआ लेकिन क्या उस भाव पर ख़रीदी हुई? और क्या मुद्दे हैं जिनसे किसान मायूस है, सुनिए हरियाणा स्वराज इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गोडारा को।

आंदोलन की कमान किसानों के हाथों में

कृषि क़ानून को ठुकराने के बाद सरकार ने गेंद किसानों के पाले में डाल दी है, किसानों का कहना है कि कमान अब उनके हाथ में है, क़ानूनों को वापस लेने पर ही मानेंगे, क्या होगी आगे की तस्वीर? जानिए किसान नेता राकेश टिकैत से

कृषि क़ानून से जुड़े झूठ का सच

कृषि क़ानून की सफ़ाई में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ़्रेन्स में कुछ नया नहीं कहा, हाँ कुछ झूठ का सहारा लेकर अपने को सही ठहराने की कोशिश ज़रूर दिखी, क्या गतिरोध ख़त्म करने में संजीदगी की कमी है? सुनिए ये ख़ास बातचीत स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव के साथ