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सरकार दिखा रही बड़प्पन, फिर फ़ैसले में देरी क्यूँ?

'सीधी मगर तीखी बात' में पूर्व कृषि मंत्री, सोमपाल शास्त्री जी की कृषि क़ानून पर सरकार की तरफ़ से मामले को सुलझाने के रवैये पर बेबाक़ राय। 15 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 9वे राउंड की वार्ता में कृषि क़ानून पर एक बार फिर कोई सहमति नहीं बन पायी, अगली तारीख़ 19 जनवरी की तय हुई है। किसानों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज़ करने का संदेश दे दिया है।मामले में नए पेंच जुड़ रहे हैं, सुनिए ये ख़ास बातचीत।

वार्ता की मिली नयी तारीख़, कब बनेगी बात?

१५ जनवरी को कृषि क़ानून को लेकर सरकार और किसान की वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही, नयी तारीख़ १९ जनवरी तय हुई है, MSP के मुद्दे पर सरकार बचती रही जबकि उसी पर निर्णायक फ़ैसला लेने के मन से आए थे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, आख़िर कब तक टलता रहेगा MSP का मुद्दा और MSP के अलावा भी क्यूँ ज़रूरी हैं बाक़ी मुद्दे? क्या होगा आगे?

SC के आदेश से सुलझेगा या उलझेगा मामला?

SC ने १२ जनवरी को ३ कृषि क़ानून को अमल में लाने पर अगले ऑर्डर तक रोक लगा दी है, एक कमेटी का भी गठन कर दिया है ताकि ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया जा सके, एक तरह से जो काम सरकार तमाम बैठकों के बावजूद नहीं कर पायी, कृषि क़ानून पर बने डेड्लाक को ख़त्म नहीं कर पायी उस पर एक कदम आगे बढ़ते हुए, SC ने ऑर्डर जारी कर दिया, क्या किसानों को स्वीकार है ये ऑर्डर? कौन है इस समिति के सदस्य, कितना सही है ये फ़ैसला? सुनिए महाराष्ट्र के Farm Activist - Vijay Jawandhia जी से ये ख़ास बातचीत।

कृषि क़ानून: ८ जनवरी की बैठक में क्या हुई बातचीत?

कृषि क़ानून को लेकर आठवें दौर की वार्ता भी एक बार फिर बेनतीजा रही, कृषि क़ानून पर गतिरोध बरकरार, क्या चाहती है सरकार? किसानों को SC जाने का सुझाव सरकार की तरफ़ से क्यूँ? इन सब सवालों के जवाब के साथ साथ क्या हुआ ८ जनवरी की बैठक में, ये सब जानें इस ख़ास बातचीत में, BKU के मीडिया प्रभारी, धर्मेंद्र मालिक जी से जो कि इस बैठक में खुद मौजूद थे।

‘मिट्टी की बेटी’ ने क्या माँगा PM से

MP के हरदा ज़िले में रहने वाली 7 साल की सानिका 'मिट्टी की बेटी' भी कहलाती है, दिल्ली के बॉर्डर्ज़ पर तीन कृषि क़ानून को लेकर डटे किसानों और लोगों के बीच कुछ दिन बिताने वाली सानिका के वहाँ क्या अनुभव रहे, इन क़ानूनों को लेकर मोदी से क्या है उनकी सीधी माँग? देखिए ये ख़ास बातचीत।

26 जनवरी का Trailer 7 जनवरी को!

26 जनवरी- गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड का Trailer 7 जनवरी को! Tractor march को लेकर क्या हैं किसान और आम जनता की तैयारी, कैसा है जज़्बा? सुनिए संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, अभिमन्यु कोहाड़ से ये ख़ास बातचीत।

कृषि क़ानून: कौन है अड़ियल, सरकार या किसान?

कृषि क़ानून को लेकर अब ८ जनवरी को फिर से होगी वार्ता, सरकार करे तो बातचीत, किसान करें तो ढीटपंती! तारीख़ पर तारीख़ देने से किसका हो रहा है नुक़सान? कृषि प्रधान देश में, लोकतंत्र में क्या ज़िद के आगे है जीत?

कृषि क़ानून: किसान क्रांति या जन क्रांति का मुद्दा?

प्रधान मंत्री जी ने हाल ही में केरल का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहाँ भी तो APMC नहीं हैं, वहाँ आंदोलन क्यूँ नहीं होते? इसको समझिए Kerala state farmer’s welfare Board की Agro Economist Dr. P Indira Devi ji और AIKS के Joint Secretary, Badal Saroj जी से जो कि पलवल बॉर्डर पर किसानों के साथ डेरा जमाए हुए हैं।

खेती में, कैसा हो किसान के विकास का मॉडल?

कृषि क़ानूनों के लेकर सरकार की तरफ़ से एक बार फिर से किसान संगठनों और नेताओं को चिट्ठी भेजी गयी है, उसमें कुछ नया नहीं सिवाय इसके कि सरकार खुले दिमाग़ और नीयत से मौजूदा गतिरोध ख़त्म करना चाहती है, ताज़ा चिट्ठी में किसानों की मुख्य माँग के अनुसार कोई प्रस्ताव नहीं, ऐसे में क्या हो वो विकास का मॉडल जो कृषि प्रधान देश भारत को suit करे, ख़ास बातचीत कृषि विशेषज्ञ, देविंदर शर्मा जी के साथ।

‘किसान दिवास’ पर किसान के ‘मन की बात’

किसान दिवास पर सुनें कि तीन कृषि क़ानून को लेकर वो क्या चाहते हैं, उनकी नज़र में कौन भ्रम फैला रहा है, आंदोलन में देश की महिला किसानों की कितनी भागीदारी है? क्या हैं उनके डर, क्यूँ दूर दराज़ के राज्यों से किसान आंदोलन में भाग लेने नहीं आ पा रहे, अगले कुछ दिनों में और कितने किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं, किसान दिवास पर ख़ास बातचीत।

‘श्रद्धांजलि दिवस’ पर अन्नदाता को नमन

'श्रद्धांजलि दिवस' पर अन्नदाता को नमन

MP के किसानों से ही ‘मन की बात’ क्यूँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान तीन कृषि क़ानून को लेकर विरोध कर रहे हैं, मौजूदा गतिरोध पर प्रधान मंत्री की तरफ़ से कुछ रास्ता दिखाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं, मोदी जी ने इन क़ानून का बखान करते हुए मध्य प्रदेश के किसानों को सम्बोधित किया, msp की गारंटी और कृषि क़ानून वापस लिए जाने की माँग पर एक बार फिर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्हीं जवाब को तलाशने की कोशिश इस बातचीत में।

कृषि क़ानून: नीति, नेता, नीयत पवित्र फिर गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून से जुड़ी अहम तारीख़ों और शेयर बाज़ार में रिलायंस कम्पनी के शेयरों की चाल पर बारीकी से नज़र बनाएँ तो इनके बीच का नाता समझ पाएँगे, फिर शायद ये भी समझ आ जाए कि नीति, नेता और नीयत की पवित्रता के बावजूद किसान और सरकार के बीच गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून: MSP क्यूँ है ज़रूरी?

2 दिन पहले उत्तराखंड के कुछ किसान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले, BKU के किसानों ने भी कृषि भवन में कृषि क़ानूनों के समर्थन में ज्ञापन दिया। क्या है अलग से इन मुलाक़ातों का कारण? ये कौन से किसान है जिनकी राय आंदोलित किसानों से अलग है? क्या उत्तराखंड के किसान भी बाक़ी किसानों की तरह इन कृषि क़ानून का विरोध कर रहे हैं? ये समझने के लिए बातचीत की पंतनगर के क़रीब खेती करने वाले प्रगतिशील किसान Rajender Pal Singh से।

सिंघु से टिकरी बार्डर तक किसान आंदोलन के रंग

दिसंबर में बढ़ती ठंड के बीच कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों का आंदोलन जारी है. सिंधु से लेकर टिकरी बॉर्डर तक पर किसान डटे हुए हैं. ठंड में सड़कों पर कैसे ज़िंदगी बसर कर रहे हैं किसान सुनिए ये बातचीत.