शशांक पाठक

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उत्तर प्रदेश के किसानों का सवाल, आखिर कब और कैसे बिकेगा धान?

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार धान बेचने जा रहे किसानों को न्यूनतम खरीद मूल्य यानी एमएसपी का पूरा लाभ देने की बातें कह...

उत्तर प्रदेश: चक्का जाम करने वाले किसानों पर दर्ज हुए मामले, किसानों ने कहा आंदोलन दबाने की कोशिश लेकिन रुकेंगे नहीं

पांच नवंबर को केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने देशव्यापी चक्का जाम किया। देश के लगभग सभी बड़े किसान संगठनों...

जंतर-मंतर पर सीएम अमरिंदर सिंह का धरना

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायकों ने राष्ट्रपति से मुलाकात का वक़्त न मिलने पर जंतर-मंतर पर धरना दिया. देखिए...

वायु प्रदूषण पर नए अध्यादेश से आमने- सामने सरकार और किसान

राजधानी दिल्ली- एनसीआर में वायु प्रदूषण एक गंभीर मामला है। आम जनता और सरकार इस मुद्दे से जूझती रही हैं लेकिन कोई...

हरियाणा: बरोदा उपचुनाव में कितना भारी पड़ेगा किसानों का गुस्सा

हरियाणा में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार विरोध जारी है। राज्य की खट्टर और केंद्र की मोदी सरकार के...

किसान आंदोलन: ‘दिल्ली चलो’ का ऐलान, 5 नवंबर को होगा चक्का जाम

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच देशभर के किसान संगठनों ने दिल्ली में बैठक की और आंदोलन की...

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में किसान संगठनों की बैठक, क्या होगी आगे की रणनीति

दिल्ली में किसान संगठनों ने बैठक कर कृषि कानून के विरोध में आंदोलन की नई रणनीति बनाई है. इसमे चक्का जाम से...

छत्तीसगढ़: बर्बाद हुए आदिवासी परिवार, क्यों बैठे हैं धरने पर

छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में एक गांव है, जिसका नाम है दुगली। गांव में आदिवासी रहते हैं जो खेती-बाड़ी...
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खेती में, कैसा हो किसान के विकास का मॉडल?

कृषि क़ानूनों के लेकर सरकार की तरफ़ से एक बार फिर से किसान संगठनों और नेताओं को चिट्ठी भेजी गयी है, उसमें कुछ नया नहीं सिवाय इसके कि सरकार खुले दिमाग़ और नीयत से मौजूदा गतिरोध ख़त्म करना चाहती है, ताज़ा चिट्ठी में किसानों की मुख्य माँग के अनुसार कोई प्रस्ताव नहीं, ऐसे में क्या हो वो विकास का मॉडल जो कृषि प्रधान देश भारत को suit करे, ख़ास बातचीत कृषि विशेषज्ञ, देविंदर शर्मा जी के साथ।

‘किसान दिवास’ पर किसान के ‘मन की बात’

किसान दिवास पर सुनें कि तीन कृषि क़ानून को लेकर वो क्या चाहते हैं, उनकी नज़र में कौन भ्रम फैला रहा है, आंदोलन में देश की महिला किसानों की कितनी भागीदारी है? क्या हैं उनके डर, क्यूँ दूर दराज़ के राज्यों से किसान आंदोलन में भाग लेने नहीं आ पा रहे, अगले कुछ दिनों में और कितने किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं, किसान दिवास पर ख़ास बातचीत।

‘श्रद्धांजलि दिवस’ पर अन्नदाता को नमन

'श्रद्धांजलि दिवस' पर अन्नदाता को नमन

MP के किसानों से ही ‘मन की बात’ क्यूँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान तीन कृषि क़ानून को लेकर विरोध कर रहे हैं, मौजूदा गतिरोध पर प्रधान मंत्री की तरफ़ से कुछ रास्ता दिखाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं, मोदी जी ने इन क़ानून का बखान करते हुए मध्य प्रदेश के किसानों को सम्बोधित किया, msp की गारंटी और कृषि क़ानून वापस लिए जाने की माँग पर एक बार फिर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। उन्हीं जवाब को तलाशने की कोशिश इस बातचीत में।

कृषि क़ानून: नीति, नेता, नीयत पवित्र फिर गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून से जुड़ी अहम तारीख़ों और शेयर बाज़ार में रिलायंस कम्पनी के शेयरों की चाल पर बारीकी से नज़र बनाएँ तो इनके बीच का नाता समझ पाएँगे, फिर शायद ये भी समझ आ जाए कि नीति, नेता और नीयत की पवित्रता के बावजूद किसान और सरकार के बीच गतिरोध क्यूँ?

कृषि क़ानून: MSP क्यूँ है ज़रूरी?

2 दिन पहले उत्तराखंड के कुछ किसान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले, BKU के किसानों ने भी कृषि भवन में कृषि क़ानूनों के समर्थन में ज्ञापन दिया। क्या है अलग से इन मुलाक़ातों का कारण? ये कौन से किसान है जिनकी राय आंदोलित किसानों से अलग है? क्या उत्तराखंड के किसान भी बाक़ी किसानों की तरह इन कृषि क़ानून का विरोध कर रहे हैं? ये समझने के लिए बातचीत की पंतनगर के क़रीब खेती करने वाले प्रगतिशील किसान Rajender Pal Singh से।