ऋषि कुमार सिंह

देश के बेस्ट सीएम के प्रदेश में धान की सरकारी खरीद पस्त क्यों है?

उत्तर प्रदेश की सरकार धान खरीद को लेकर लगातार अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन दूसरे राज्यों के मुकाबले अब तक बहुत...

किसान आंदोलन को लेकर एसबीआई की टिप्पणी अनर्गल : किसान संगठन

केंद्र के कानूनों के खिलाफ पूरे देश में जारी किसान आंदोलनों को राजनीति से प्रेरित बनाने वाली एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट को...

यूपी में धान खरीद शून्य तो पंजाब में साढ़े पांच लाख टन के पार कैसे?

उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होने के बावजूद किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का...

नए कृषि कानून के तहत भुगतान में विवाद का मामला सामने आया

केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि से जुड़े तीन नये कानूनों को लेकर किसानों की आशंका सही साबित होने के मामले सामने आने...

किसानों के आंदोलन के बीच पंजाब और हरियाणा में धान की खरीद शुरू

संसद से पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों के तीखे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के धान की खरीद...

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान आंदोलनों के बीच फसलों की एमएसपी में इजाफा

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष संसद से पारित हो चुके इन विधेयकों को किसान...

दस बिंदुओं में समझिए कि कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग बिल में क्या है और किस पर उठ हैं सवाल?

केंद्र के कृषि विधेयकों का किसान सड़कों पर तो विपक्ष संसद में पुरजोर विरोध कर रहा है. यहां तक कि केंद्र सरकार...

बुलंदशहर : मिसाल बना गायों का डेयरी फार्म

हिन्द किसान की टीम पहुंची उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के एक ऐसे डेयरी फार्म में, जो कि गाय का 100 फीसदी शुद्ध...
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महिला किसान दिवस पर उनके ‘मन की बात’

'महिला किसान दिवस' पर सुनिए ख़ास बातचीत, आदिवासी महिलाओं के जल, जंगल और ज़मीन के अधिकार को लेकर उनके संघर्ष और तीनों विवादित कृषि क़ानून से क्या हैं महिला किसानों के लिए आगे की चुनौतियाँ, क्या हैं डर? हिंद किसान ने AIl India Union for forest working People (AIUFWP) और आदिवासी अधिकारों से जुड़ी ऐक्टिविस्ट- #RomaMalik और UN Secy General के Youth advisory group on Climate Change की भारत से सदस्य, उड़ीसा की #ArchnaSoreng से बातचीत की।

किसान आंदोलन में कितनी ऐक्टिव हैं महिलाएँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर्ज़ पर किसान और जनता खेती के मुद्दों और तीन कृषि क़ानून की वापसी को लेकर डटे हुए हैं, हिंद किसान ने राजधानी दिल्ली के बॉर्डर से दूर, राजस्थान के झुनझुनू से एक महिला ऐक्टिविस्ट से बातचीत की। ये तमाम महिलाओं के साथ collectorate पर धरना दे रही हैं , उनसे जाना कि तीनों कृषि क़ानून पर बने गतिरोध पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है, आंदोलन को लेकर उनकी क्या तैयारी है? सुनिए उनकी मोदी जी से सीधी माँग- बात सीधी, मगर तीखी।

सरकार दिखा रही बड़प्पन, फिर फ़ैसले में देरी क्यूँ?

'सीधी मगर तीखी बात' में पूर्व कृषि मंत्री, सोमपाल शास्त्री जी की कृषि क़ानून पर सरकार की तरफ़ से मामले को सुलझाने के रवैये पर बेबाक़ राय। 15 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 9वे राउंड की वार्ता में कृषि क़ानून पर एक बार फिर कोई सहमति नहीं बन पायी, अगली तारीख़ 19 जनवरी की तय हुई है। किसानों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज़ करने का संदेश दे दिया है।मामले में नए पेंच जुड़ रहे हैं, सुनिए ये ख़ास बातचीत।

वार्ता की मिली नयी तारीख़, कब बनेगी बात?

१५ जनवरी को कृषि क़ानून को लेकर सरकार और किसान की वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही, नयी तारीख़ १९ जनवरी तय हुई है, MSP के मुद्दे पर सरकार बचती रही जबकि उसी पर निर्णायक फ़ैसला लेने के मन से आए थे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, आख़िर कब तक टलता रहेगा MSP का मुद्दा और MSP के अलावा भी क्यूँ ज़रूरी हैं बाक़ी मुद्दे? क्या होगा आगे?

SC के आदेश से सुलझेगा या उलझेगा मामला?

SC ने १२ जनवरी को ३ कृषि क़ानून को अमल में लाने पर अगले ऑर्डर तक रोक लगा दी है, एक कमेटी का भी गठन कर दिया है ताकि ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया जा सके, एक तरह से जो काम सरकार तमाम बैठकों के बावजूद नहीं कर पायी, कृषि क़ानून पर बने डेड्लाक को ख़त्म नहीं कर पायी उस पर एक कदम आगे बढ़ते हुए, SC ने ऑर्डर जारी कर दिया, क्या किसानों को स्वीकार है ये ऑर्डर? कौन है इस समिति के सदस्य, कितना सही है ये फ़ैसला? सुनिए महाराष्ट्र के Farm Activist - Vijay Jawandhia जी से ये ख़ास बातचीत।

कृषि क़ानून: ८ जनवरी की बैठक में क्या हुई बातचीत?

कृषि क़ानून को लेकर आठवें दौर की वार्ता भी एक बार फिर बेनतीजा रही, कृषि क़ानून पर गतिरोध बरकरार, क्या चाहती है सरकार? किसानों को SC जाने का सुझाव सरकार की तरफ़ से क्यूँ? इन सब सवालों के जवाब के साथ साथ क्या हुआ ८ जनवरी की बैठक में, ये सब जानें इस ख़ास बातचीत में, BKU के मीडिया प्रभारी, धर्मेंद्र मालिक जी से जो कि इस बैठक में खुद मौजूद थे।