हिंद किसान टीम

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चित्रकारों का गांव: पाटनगढ़

संभावना तो यही थी कि यह भी दूसरे आदिवासी गांवों की तरह ही होता: सौ-दो सौ लोगों की उजड़ी-उजड़ी सी बस्ती जैसा। झोपड़ियों में...

FRDI Bill, Cash Hoarding Leave ATM’s Dry, Say Experts

It’s a déjà vu for many Indians as they return empty handed from ATM’s unable to withdraw their own money. For the past few...

Direct Income Support over MSP? Maybe, Not!

The Indian Council for Research on International Economic Relations (ICRIER) has suggested a crop-neutral Direct Income/Investment Support (DIS) claiming it to be better than...

We will not be India’s Daughter!

The question of sexual violence, its systemic nature, its links to political power, its role in nation and community building, have all been thrown...

Save the Sheep not the Wolves, Mr. Finance Minister!

While presenting the budget Finance Minister Arun Jaitley told the Parliament that his government will ensure the income of farmers will double by 2022...

Legislating the coast

On the 18th of April 2018, the Center released a new draft of the Coastal Regulation Zone (CRZ) Notification(2018) for comments.The draft contains a...

Discontented Farmers to Start Fresh Agitation from June 1

Angry with the governments turning a blind eye towards their demands, farmers from five states have decided to launch massive strikes from June 1...

एक अनोखा आयोजनः राष्ट्रीय बैगा ओलिंपिक

मध्य प्रदेश में तीन आदिम जन-जातियां निवास करती हैं। महाकोशल इलाके के मंडला, डिंडौरी, शहडोल, उमरिया अनूपपुर और बालाघाट ज़िलों में बैबा जनजाति, चंबल...
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महिला किसान दिवस पर उनके ‘मन की बात’

'महिला किसान दिवस' पर सुनिए ख़ास बातचीत, आदिवासी महिलाओं के जल, जंगल और ज़मीन के अधिकार को लेकर उनके संघर्ष और तीनों विवादित कृषि क़ानून से क्या हैं महिला किसानों के लिए आगे की चुनौतियाँ, क्या हैं डर? हिंद किसान ने AIl India Union for forest working People (AIUFWP) और आदिवासी अधिकारों से जुड़ी ऐक्टिविस्ट- #RomaMalik और UN Secy General के Youth advisory group on Climate Change की भारत से सदस्य, उड़ीसा की #ArchnaSoreng से बातचीत की।

किसान आंदोलन में कितनी ऐक्टिव हैं महिलाएँ?

जब दिल्ली के बॉर्डर्ज़ पर किसान और जनता खेती के मुद्दों और तीन कृषि क़ानून की वापसी को लेकर डटे हुए हैं, हिंद किसान ने राजधानी दिल्ली के बॉर्डर से दूर, राजस्थान के झुनझुनू से एक महिला ऐक्टिविस्ट से बातचीत की। ये तमाम महिलाओं के साथ collectorate पर धरना दे रही हैं , उनसे जाना कि तीनों कृषि क़ानून पर बने गतिरोध पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है, आंदोलन को लेकर उनकी क्या तैयारी है? सुनिए उनकी मोदी जी से सीधी माँग- बात सीधी, मगर तीखी।

सरकार दिखा रही बड़प्पन, फिर फ़ैसले में देरी क्यूँ?

'सीधी मगर तीखी बात' में पूर्व कृषि मंत्री, सोमपाल शास्त्री जी की कृषि क़ानून पर सरकार की तरफ़ से मामले को सुलझाने के रवैये पर बेबाक़ राय। 15 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 9वे राउंड की वार्ता में कृषि क़ानून पर एक बार फिर कोई सहमति नहीं बन पायी, अगली तारीख़ 19 जनवरी की तय हुई है। किसानों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज़ करने का संदेश दे दिया है।मामले में नए पेंच जुड़ रहे हैं, सुनिए ये ख़ास बातचीत।

वार्ता की मिली नयी तारीख़, कब बनेगी बात?

१५ जनवरी को कृषि क़ानून को लेकर सरकार और किसान की वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही, नयी तारीख़ १९ जनवरी तय हुई है, MSP के मुद्दे पर सरकार बचती रही जबकि उसी पर निर्णायक फ़ैसला लेने के मन से आए थे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य, आख़िर कब तक टलता रहेगा MSP का मुद्दा और MSP के अलावा भी क्यूँ ज़रूरी हैं बाक़ी मुद्दे? क्या होगा आगे?

SC के आदेश से सुलझेगा या उलझेगा मामला?

SC ने १२ जनवरी को ३ कृषि क़ानून को अमल में लाने पर अगले ऑर्डर तक रोक लगा दी है, एक कमेटी का भी गठन कर दिया है ताकि ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया जा सके, एक तरह से जो काम सरकार तमाम बैठकों के बावजूद नहीं कर पायी, कृषि क़ानून पर बने डेड्लाक को ख़त्म नहीं कर पायी उस पर एक कदम आगे बढ़ते हुए, SC ने ऑर्डर जारी कर दिया, क्या किसानों को स्वीकार है ये ऑर्डर? कौन है इस समिति के सदस्य, कितना सही है ये फ़ैसला? सुनिए महाराष्ट्र के Farm Activist - Vijay Jawandhia जी से ये ख़ास बातचीत।

कृषि क़ानून: ८ जनवरी की बैठक में क्या हुई बातचीत?

कृषि क़ानून को लेकर आठवें दौर की वार्ता भी एक बार फिर बेनतीजा रही, कृषि क़ानून पर गतिरोध बरकरार, क्या चाहती है सरकार? किसानों को SC जाने का सुझाव सरकार की तरफ़ से क्यूँ? इन सब सवालों के जवाब के साथ साथ क्या हुआ ८ जनवरी की बैठक में, ये सब जानें इस ख़ास बातचीत में, BKU के मीडिया प्रभारी, धर्मेंद्र मालिक जी से जो कि इस बैठक में खुद मौजूद थे।